भोपाल। न्यूज़ डेस्क | मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में स्थित मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण कोरोनावायरस से पीड़ित 12 लोगों की मौत हो गई। कॉलेज के डीन ने मृत्यु की पुष्टि की है। मध्यप्रदेश सरकार एक बार फिर विफल नज़र आई | यू तो प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान बड़ी बड़ी बातें करते हैं लेकिन जहां प्रबंधन की बात आती है तो शिफर ही नज़र आता है | सवाल ये उठता है क्या मध्यप्रदेश में लोगों की जान की कोई कीमत नहीं ?
अचानक रात 12:00 बजे बंद हो गई ऑक्सीजन
बताया जा रहा है कि शहडोल मेडिकल कॉलेज में रात 12:00 बजे ऑक्सीजन की सप्लाई का प्रेशर कम हो गया था। उसी समय अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई थी। मैनेजमेंट ने ऑक्सीजन की व्यवस्था नहीं की। सुबह 6:00 बजे तक 6 मरीजों की मौत हो गई थी। हंगामा होने पर मरीजों के परिजन भागे-भागे अस्पताल आए। लोगों ने अपने हाथ से मास्को को दबा दबा कर ऑक्सीजन देने की कोशिश की लेकिन सिलेंडर में ऑक्सीजन नहीं थी। परिजनों के सामने एक एक करके मरीज मरते चले गए। जब तक ऑक्सीजन आई तब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी थी।