0 नाश्ते में रात का बचा चांवल फ्राई करके दिया जा रहा है।
0 लापरवाही- खुले में फेक रहे केयर सेंटर का मेडिकल वेस्ट, साफ सफाई की व्यवस्था बदहाल
राजनांदगांव। केजन साहू | जिले के अंबागढ़ चौकी ब्लॉक मुख्यालय में कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए संचालित कोविड केयर सेंटर की व्यवस्था में सुधार ही नही हो रहा है. यंहा की अव्यवस्थाओं से परेशान मरीज अब कोविड केयर सेंटर से छुट्टी दिलाने की मांग कर रहे है. यंहा के बिगड़े हालातों के चलते बीते तीन दिनों में यंहा से दो दर्जन से अधिक मरीजों ने केयर सेंटर से अपने आप को डिस्चार्ज करा लिया है. मरीजों का कहना है की वे यंहा जीने के लिए आए है मरने के लिए नही, केयर सेंटर की हालात इतनी खराब है कि यंहा कल तक जीने वाला मरीज आज ही चल बसेगा. सबसे अधिक शिकायत डाक्टरों के केयर सेंटर में नही आने व उचित देखभाल नही करने को लेकर है।
वैश्विक महामारी कोविड 19 कोरोना संक्रमण के दुसरे दौर में अंबागढ चैकी ब्लाक के कोविड पाजिटिव मरीजो के देखभाल व इलाज के लिए नगर के वार्ड 1 मेरेंगांव स्थित षासकीय कन्या षिक्षा परिसर छात्रावास को कोविड केयर सेंटर बनाया गया है. 3 अप्रैल से पुन: प्रारंभ किए गए कोविड केयर सेंटर की अव्यवस्थाओं को लेकर मरीजों व उसके परिजनो में ही नही बल्कि केयर सेंटर में ड्यूटी करने वाले पुरूष स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को भी गंभीर शिकायते है. बुधवार की शाम कोविड केयर सेंटर में भर्ती मरीजो ने स्थानीय मीडियाकर्मियों को शिकायत की केयर सेंटर के अंदर दिन भर में कोई आता है तो वह केवल एक सफाई कर्मी आता है. मरीजों का कहना है कि स्वास्थ्य संबधी कोई समस्या आने पर वे जब खिड़कियों से ड्यूटी में मौजुद कर्मचारियों के सामने अपनी बात रखते है तो माईक सेट के माध्यम से ही उन्हे सलाह दे दी जाती है. मरीजों को इस बात की पीड़ा है कि केयर सेंटर में स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर एवं कर्मियों द्वारा मरीजों का बराबर देखरेख व ईलाज नही किया जा रहा है. इसके कारण ही मरीज यंहा पर केयर सेंटर में रहना नही चाह रहे है. वे अपने परिजनों के माध्यम से छुट्टी मांग रहे है।
. बीते तीन दिनों में यंहा से दो दर्जन से अधिक मरीजों ने अपने को डिस्चार्ज करा लिया है. यंहा की अव्यवस्थाओ से परेशान विकासखंण्ड के ग्राम चिखली निवासी केवलदास साहू ने आज केयर सेंटर से अपनी मां व छोटे भाई को घर ले जाने के लिए डिस्चार्ज करा लिया. श्री साहू ने बताया की उनकी मां चन्द्रिका बाई साहू व उनका भाई टोमेश्वर साहू कोरोना संक्रमित थे. उन्हे चार दिन पहले ही केयर सेंटर में भर्ती कराया गया था. लेकिन यंहा की अव्यवस्थाओ से वे परेशान थे. इसलिए मै उन्हे यंहा से छुट्टी दिलाकर अपने घर ले जा रहा हॅू. इसी तरह यंहा भर्ती अन्य मरीजों एवं उनके परिजनों को एक नही ढेरो शिकायते है। शिकायतकर्ताओं ने यंहा की अव्यवस्था के लिए बीएमओ व बीपीएम को जिम्मेदार ठहराते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
नाश्ते में दिया जा रहा रात का बचा चावल फ्राई करके
कोविड केयर सेंटर में भर्ती मरीजो को यंहा पर खाने व नाश्ते की गुणवत्ता को लेकर भारी शिकायते है. बुधवार को चिखली के एक मरीज ने बताया की यंहा पर नाश्ते में रात का बचा हुआ बासी चावल को फ्राई करके दिया जा रहा है. दाल के नाम पर केवल दाल का पानी दिया जा रहा है. दाल इस तरह पतली होती है की दाल को ढुंढना पडता है. खाने में मोटा चांवल दिया जाता है. वह भी अधपका रहता है. सब्जी की भी गुणवत्ता ठीक नही है. मरीजों का आरोप है की इस महामारी के दौर व संकट के समय कोविड मरीज के लिए शासन से आ रहे भोजन व नाश्ते में भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कमीशनबाजी कर मरीजों के ही खाने में ही गुणवत्ता की चोरी कर रहे है. मरीजों ने बताया की यंहा पर गर्म पानी मांगने पर बड़ी मुश्किल से मिलता है।
0 कोविड केयर सेंटर के बाहर फेक दिए गए मेडिकल वेस्ट , संक्रमण का खतरा बढा
कोविड केयर सेंटर में उपयोग किया जाना वाली पीपीईटी किट, हेंड ग्लबस, मास्क एवं मेडिकल वेस्ट को केयर सेंटर के बाहर खुले में फेका जा रहा है. जिससे केयर सेंटर के आस पास रहने वाले कन्या शिक्षा परिसर कालोनी के कर्मचारियों एवं मेरेंगांव के नागरिकों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है. नगर के मीडिया कर्मी व पार्षद ने बताया की केयर सेंटर में उपयोग किए गए पीपीई किट एवं ग्लबस तथा मेडिकल वेस्ट को खुले में फेक दिया गया है. इससे यह बात साफ तौर पर प्रमाणित हो रहा है कि कोविड केयर सेंटर में लापरवाहियां बरती जा रही है।
0 नलो में टोटिया नही, 24 घंटे बहता रहता है पानी, महिला प्रसाधन में नही आता है पानी
कोविड केयर सेंटर में मरीजो को इलाज व खाने ही नही बल्कि साफ सफाई की व्यवस्था को लेकर एक नही कई शिकायते है. मरीजों ने बताया की यंहा पर स्नानागार व प्रसाधनों के नलों में टोटिया ही नही है. जिससे 24 घंटे पानी व्यर्थ बहता रहता है. टंकियो में पानी भरने के बाद टोटिया नही होने से पानी एक डेढ घंटे में खाली हो जाता है. मरीजों का आरोप है कि साफ सफाई की व्यवस्था ठीक नही है. महिला प्रसाधनों में नलों से पानी नही आने की शिकायते है. जिससे केयर सेंटर में भर्ती महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. आरोप यह भी है कि केयर सेंटर में प्रतिदिन कक्षों की सफाई नही की जा रही है. सफाई कर्मचारी केवल खानापूर्ती कर निकल जाता है।
वर्शन
डॉ आर.आर.ध्रुवे बीएमओ–
केयर सेंटर में अव्यवस्था का आरोप गलत है. बीएमओ का कहना है कि केयर सेंटर में मरीजो के उपचार के लिए नियमित डॉक्टर व कर्मचारी जा रहे है.