मुंबई | न्यूज़ डेस्क | दुनिया इन दिनों रुस और यूक्रेन के युद्ध से स्तब्ध है. किसी ने सोचा भी नहीं था कि कोरोना से त्रस्त दुनिया को अचानक विश्व युद्ध जैसे माहौल को देखना पड़ जाएगा. रुस ने अचानक ही यूक्रेन पर हमला कर दिया. हवाई हमलों ने यूक्रेन में तबाही मचा दी है. लेकिन जिस तरह से इस छोटे से देश ने शक्तिशाली यूक्रेन का सामना किया है, वो काबिले तारीफ है. रुस के राष्ट्रपति पुतिन ने शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उसकी ताकतवर मिलिट्री को यूक्रेन में इतनी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा. रुस ने अभी तक युद्ध में मारे गए सैनिकों की संख्या को लेकर कोई खुलासा नहीं किया है लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमीर जेअभी तक इस वॉर में करीब 9 हजार रुसी सैनिक जान गंवा चुके हैं.
रुस अपने मारे गए सैनिकों की संख्या छिपा रहा है. इसके लिए वो लाशों को वापस रुस नहीं ले जा रहा. रुसी मिलिट्री अपने साथ चलता-फिरता शमशान घाट लेकर चल रही है. इस मोबाइल क्रेमाटोरियम में लगे मशीन के अंदर ही लाशों को तुरंत जला दिया जा रहा है. ताकि सैनिकों की लाश की काउंटिंग ना हो सके. कीव में प्रेस कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए जेलेंस्की ने बताया कि रुसी सैनकों के साथ चलता-फिरता शमशान भी चल रहा है.
जेलेंस्की ने इसे बेहद अमानवीय बताया. उसने कहा कि रुस नहीं चाहता कि दुनिया को यूक्रेन जैसे कमजोर देश ने रुस को धूल चटा दी. इसलिए जो सैनिक मरते जा रहे हैं, उन्हें झट से इन मशीनों में जला दिया जा रहा है. यानी इन मारे गए सैनिकों के घरवालों को पता भी नहीं चल पाएगा कि वो मर चुके हैं. आखिरी बार घरवाले उनका चेहरा भी देख नहीं पाएंगे. जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन का इरादा मौत नहीं है. वो सिर्फ अपनी रक्षा कर रहे हैं.
जेलेंस्की ने कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि अब तक उन्होंने करीब नौ हजार रुसी सैनिकों को मार गिराया है. साथ ही उन्होंने करीब 30 रुसी जेट, 31 हेलीकॉप्टर, 217 टैंक, और 900 सैनिको को बंदी बना लिया है. वहीं, अभी तक उस युद्ध में सिर्फ 500 मौतों की बात कही जा रही है. वहीं अमेरिकी अधिकारी ने न्यूयॉर्क टाइम्स को जानकारी देते हुए बताया कि अभी तक रुसी सैनिकों की मरने की संख्या दो हजार के पार चल रही है. यानी रुस अपने मारे गए सैनिकों की संख्या छिपा रहा है.