मुंबई | न्यूज़ डेस्क | बला की खूबसूरती हासिल करने के बाद न जाने क्यों कई लोगों को उसमें कुछ कमी लगने लगती है| सुंदर से और सुंदर बनने की होड़ में कई बार ऐसे हादसे सामने आ जाते हैं जिससे उबरना मुश्किल हो जाता है. कॉस्मेटिक और बोटॉक सर्जरी की वजह से कई लोगों को मेडिकल प्रॉब्लम का सामना करना पड़ा है| ऐसे ही लोगों की लिस्ट में अब एक ब्यूटी क्वीन भी शामिल हो गई है.
रशियन ब्यूटी क्वीन रही 43 साल की यूलिया तारासेविच दो साल पहले मिसेज रशिया इंटरनेशनल रनर-अप रह चुकी हैं. दो बच्चों की मां बनने के बाद भी उनकी खूबसूरती के लोग दीवाने थे. मगर खुद को और आकर्षक बनाने के क्रम में वो बड़े हादसे का शिकार बन बैठीं. फेसलिफ्ट सर्जरी के दौरान उनका चेहरा बिगड़ गया. वो अब अपनी आंखे बंद ही नहीं कर पा रही हैं.
43 वर्षीय यूलिया तरासेविच दो साल पहले मिसेज रूस-इंटरनेशनल प्रतियोगिता में उपविजेता रही थीं मगर एक प्लास्टिक सर्जरी ने उनका चेहरा बिगाड़ दिया जिसके बाद उन्होंने उन दो प्लास्टिक सर्जन्स के खिलाफ़ लापरवाही का मामला दर्ज कर दिया जिन्होंने उनकी सर्जरी के बाद उन्हें विकृत रूप में छोड़ दिया.
अब न वो अपनी आंखे बंद कर पा रही हैं न ही उनके चेहरे का हिस्सा काम कर रहा है . यूलिया के मुताबिक वो सिर्फ एंटी एजिंग सिम्पटम्स को हटाने और फेसलिफ्ट सर्जरी के लिए प्लास्टिक सर्जन के पास गई थी जिन्होंने उनकी थेरेपी तो ठीक से नहीं की बल्कि उनकी समस्या को और बढ़ा दिया. जिसके बाद Health and safety laws के उल्लंघन के आरोप में यूलिया ने डॉक्टरों पर मुकदमा दायर कर दिया.
यूलिया का कहना है कि वो अपने हेल्दी और खूबसूरत चेहरे के साथ सर्जन्स के पास गईं थी मगर उन्होंने उनक चेहरे को विकृत करके छोड़ दिया जिसके लिए उन्हें सज़ा भुगतनी होगी. डेली स्टार की रिपोर्ट के मुचाबिक प्लास्टिक सर्जरी करने वालों ने दावा किया कि यूलिया पहले से अनुवांशिक बीमारी स्क्लेरोडर्मा से पीड़ित थी. यानि की एक ऐसी बीमारी जो स्किन को हार्ड, मोटे और अंदरूनी हिस्सों के साथ-साथ ब्लड वेसेल्स में समस्या पैदा करती है.
वहीं सारी जांच के बाद यूलिया को ऐसी किसी बीमारी का प्रमाण नहीं मिला जैसा आरोपी डॉक्टर्स डॉ. एंड्री कोमारोव और डॉ. उमर खालिद भरपाई डॉक्टरों को करनी होगी. केस दर्ज होने के बाद एक टीम क्लिनिक की जांच कर कुछ और लोगों का पता लगाने की कोशिश में जुटी है जो यहां कि खराब और लापरवाह मेडिकल व्यवस्था का शिकार हुए हैं.
रशियन ब्यूटी क्वीन रही 43 साल की यूलिया तारासेविच दो साल पहले मिसेज रशिया इंटरनेशनल रनर-अप रह चुकी हैं. दो बच्चों की मां बनने के बाद भी उनकी खूबसूरती के लोग दीवाने थे. मगर खुद को और आकर्षक बनाने के क्रम में वो बड़े हादसे का शिकार बन बैठीं. फेसलिफ्ट सर्जरी के दौरान उनका चेहरा बिगड़ गया. वो अब अपनी आंखे बंद ही नहीं कर पा रही हैं.
43 वर्षीय यूलिया तरासेविच दो साल पहले मिसेज रूस-इंटरनेशनल प्रतियोगिता में उपविजेता रही थीं मगर एक प्लास्टिक सर्जरी ने उनका चेहरा बिगाड़ दिया जिसके बाद उन्होंने उन दो प्लास्टिक सर्जन्स के खिलाफ़ लापरवाही का मामला दर्ज कर दिया जिन्होंने उनकी सर्जरी के बाद उन्हें विकृत रूप में छोड़ दिया.
अब न वो अपनी आंखे बंद कर पा रही हैं न ही उनके चेहरे का हिस्सा काम कर रहा है . यूलिया के मुताबिक वो सिर्फ एंटी एजिंग सिम्पटम्स को हटाने और फेसलिफ्ट सर्जरी के लिए प्लास्टिक सर्जन के पास गई थी जिन्होंने उनकी थेरेपी तो ठीक से नहीं की बल्कि उनकी समस्या को और बढ़ा दिया. जिसके बाद Health and safety laws के उल्लंघन के आरोप में यूलिया ने डॉक्टरों पर मुकदमा दायर कर दिया.
यूलिया का कहना है कि वो अपने हेल्दी और खूबसूरत चेहरे के साथ सर्जन्स के पास गईं थी मगर उन्होंने उनक चेहरे को विकृत करके छोड़ दिया जिसके लिए उन्हें सज़ा भुगतनी होगी. डेली स्टार की रिपोर्ट के मुचाबिक प्लास्टिक सर्जरी करने वालों ने दावा किया कि यूलिया पहले से अनुवांशिक बीमारी स्क्लेरोडर्मा से पीड़ित थी. यानि की एक ऐसी बीमारी जो स्किन को हार्ड, मोटे और अंदरूनी हिस्सों के साथ-साथ ब्लड वेसेल्स में समस्या पैदा करती है.
वहीं सारी जांच के बाद यूलिया को ऐसी किसी बीमारी का प्रमाण नहीं मिला जैसा आरोपी डॉक्टर्स डॉ. एंड्री कोमारोव और डॉ. उमर खालिद भरपाई डॉक्टरों को करनी होगी. केस दर्ज होने के बाद एक टीम क्लिनिक की जांच कर कुछ और लोगों का पता लगाने की कोशिश में जुटी है जो यहां कि खराब और लापरवाह मेडिकल व्यवस्था का शिकार हुए हैं.