मुंबई | न्यूज़ डेस्क | साल 2002 में रिलीज हुई राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘कंपनी’ का एक फेमस गाना है जिसके बोल हैं- ‘गंदा है पर धंधा है ये’| दुनिया में ऐसे बहुत से प्रोफेशन हैं जो लोगों की नजरों में गलत हो सकते हैं, मगर उसे करने वाले लोगों के लिए भी वो एक तरह का काम ही है जिससे उनका घर चल रहा है| हाल ही में ऐसा ही एक काम करने वाली एक अमेरिकी महिला ने अपने प्रोफेशन से जुड़ा राज दुनिया को बताया| महिला एक स्ट्रिपर है और उसने पोल डांसिंग और स्ट्रिपिंग का सच बताया है|
केंटकी की रहने वाली 20 साल की पैमेला कार्मेन एक स्ट्रिपर के तौर पर काम करती हैं. हाल ही में डेली स्टार वेबसाइट से बात करते हुए पैमेला ने बताया कि स्ट्रिपर का जॉब कितना मुश्किल है| उन्होंने कहा कि टिकटॉक या अन्य सोशल मीडिया साइट्स पर जो स्ट्रिपर्स बेशुमार पैसों के साथ फोटो खिंचवाती हैं, वो सिर्फ एक तरह का छलावा है. स्ट्रिपिंग की दुनिया की हकीकत ये नहीं है|
उन्होंने कहा कि कभी वो एक रात में कभी वो 3 हजार रुपये तक कमाती हैं तो एक रात में हजारों रुपये तक कमाई हो जाती है| मगर कई रातें ऐसी भी बीतती हैं जब वो एक रुपये भी नहीं कमा पातीं तब उन्हें क्लब से उधार लेना पड़ता है| उन्होंने बताया कि ये आसान काम नहीं है, और पैसे कमाने का हमेशा भरोसा नहीं होता है. पैमेला ने कहा कि वो अन्य महिलाओं को ये बताना चाहती हैं कि अगर वो इस प्रोफेशन में घुस रही हैं तो उससे पहले इसकी अच्छी और बुरी बातें जान लें|
उन्होंने बताया कि ज्यादा पैसे कमाने के लिए महिलाओं को रात में देर तक काम करना पड़ता है| इसके अलावा अच्छे क्लब में काम करना पड़ता है जहां कमाई ज्यादा होती है. कमाई के लिए मेहनत भी काफी करनी पड़ती है| सबसे बड़ी चीज होती है महिलाओं की सुरक्षा| पैमेला ने कहा कि हर औरत को ये समझना चाहिए कि अगर वो कोई चीज करने में सहज नहीं होती तो उसे बिल्कुल नहीं करना चाहिए| फिर चाहे सामने वाला जितना भी उसपर दबाव बनाए| ना मतलब ना होता है. उन्हें समझना होगा कि उनका शरीर है इसलिए उससे जुड़े नियम भी वही बनाएंगी. इसके अलावा पैमेला ने हील पहनने, शरीर पर ऑय इस्तेमाल करने से जुड़ी भी बातें बताईं जिससे महिलाओं को पोल डांस करते वक्त असुविधा ना हो और उन्हें चोट ना लग जाए|