मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | आचार्य चाणक्य ने नीति शास्त्र में अपने ज्ञान और अनुभव के आधार पर जहां जीवन की हर परिस्थिति का सामना करना और सुख दुख में विचलित न होने के लिए कई महत्वपूर्ण बातें बताई हैं, वहीं उन्होंने सफलता पाने के भी कई मंत्र बताए हैं| इनका अमल करने से व्यक्ति जीवन में सफलता की ऊंचाइयों को छू सकता है|
चाणक्य नीति में आचार्य चाणक्य द्वारा वर्णित नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं| आइए जानते हैं आचार्य चाणक्य के अनुसार सफल होने के लिए व्यक्ति को किन चीजों से बचना बचना चाहिए और किन गुणों को खुद में विकसित करना चाहिए| ताकि वह सुखी जीवन व्यतीत कर सके. आप भी जानिए ये महत्वपूर्ण बातें-
नीति शास्त्र के अनुसार गधे का जीवन तीन बातें सिखाता है| एक यह कि अपना बोझा ढोना न छोड़ें, दूसरी यह कि जब कोई कार्य करें तो सर्दी गर्मी की चिंता न करें और तीसरा यह कि जीवन में सदा संतुष्ट रहें|
आचार्य चाणक्य के अनुसार बुद्धिमान व्यक्ति अपनी इन्द्रियों को बगुले की तरह अपने वश में करते हुए अपने लक्ष्य पर नजर रखता है| ताकि वह अपने लक्ष्य से बिल्कुल भी डिगे नहीं|
नीति शास्त्र के अनुसार जीवन में कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए| किसी पापी का मित्र होने से बेहतर है कि व्यक्ति बिना मित्र के ही रहे| इसी तरह किसी मूर्ख का गुरु होने से बेहतर है कि गुरु बिना शिष्य वाला ही रहे|
आचार्य चाणक्य के अनुसार किसी लालची व्यक्ति को उपहार आदि देकर संतुष्ट करें. कठोर व्यक्ति को हाथ जोड़कर संतुष्ट करें| इसी तरह किसी मूर्ख को सम्मान देकर संतुष्ट किया जा सकता है, लेकिन एक विद्वान व्यक्ति सच बोलने से ही संतुष्ट हो जाता है|
नीति शास्त्र में कई महत्वपूर्ण बातें बताई गई हैं. इसके अनुसार व्यक्ति अपने ही भले और बुरे कर्मों के परिणाम भोगता है| अपने ही कर्मो से वह संसार में बंधता है और अपने ही कर्मो से बन्धनों से छूटता है|