मुंबई | न्यूज़ डेस्क | एक ज्वालामुखी है, जिसने 2000 साल पहले रोमन साम्राज्य पर भयानक आफत बरसाई थी | इस ज्वालामुखी के विस्फोट से पोम्पेई, हर्कुलैनियम, ओप्लोंटिस और स्टेबियाए नाम के शहर पूरी तरह से खत्म हो गए थे | चारों तरफ लावा ही लावा था | राख थी | कहते हैं उस समय इस ज्वालामुखी विस्फोट से 1000 से ज्यादा लोग मारे गए उसी में से एक इंसान का कंकाल अभी मिला है | किस्मत से इसके अवशेष काफी ज्यादा सुरक्षित हैं | क्योंकि ज्यादातर लोगों के शरीर तो भाप बनकर उड़ गए थे |
ये कंकाल हर्कुलैनियम के प्राचीन तट के पास मिला है | पुरातत्वविदों का मानना है कि यह ज्वालामुखी से बचने के लिए भाग रहा था लेकिन आगे जाने का रास्ता था नहीं, और यह मारा गया | यह समुद्र से कुछ फीट की दूरी पर ही मारा गया | माउंट वेसुवियस ज्वालामुखी AD 79 में भयानक फटा था | जिससे रोम का प्रसिद्ध शहर पोम्पेई पूरी तरह से खत्म हो गया था |
आर्कियोलॉजिस्ट का मानना है कि यह जिस व्यक्ति का कंकाल है, वह करीब 40 से 45 साल की उम्र का रहा होगा | वह किसी बोट शेड की तलाश में था | यह ऐसी जगहें होती थीं, जहां पर मछुआरे पत्थरों के अंदर अपने जाल और यंत्र रखते थे | लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था | यह व्यक्ति इसके पहले की खुद को बचा पाता | वेसुवियस ज्वालामुखी से पाइरोक्लास्टिक मलबे ने इसे निगल लिया | कहते हैं कि ज्वालामुखी के विस्फोट से पाइरोक्लास्टिक बादलों का बहाव 100 किलोमीटर किलोमीटर प्रतिघंटा था |