मुंबई | हस्तरेखा तज्ञो विनोद जी | चाणक्य नीति कहती है कि धन की देवी लक्ष्मी जी की कृपा तभी प्राप्त होती है जब व्यक्ति अच्छी आदतों को अपनाकर जीवन को जीता है| जो लोग गलत आदतों से घिर जाते हैं, उन्हें लक्ष्मी जी बहुत जल्द छोड़कर चली जाती है| ऐसे लोगों को लक्ष्मी जी का आशीर्वाद नहीं मिलता है| इन लोगों का जीवन भी कष्ट से भर जाता है|
लक्ष्मी जी को पसंद नहीं है ये कार्य- चाणक्य नीति कहती है कि धन का प्रयोग दूसरों को अहित पहुंचाने के लिए नहीं करना चाहिए| ऐसा करने वालों से लक्ष्मी जी बहुत जल्द नाराज हो जाती है धन आने पर धन का उचित प्रयोग करना चाहिए| जो लोग अहंकार और क्रोध में आकर धन का प्रयोग दूसरों को हानि पहुंचाने के लिए करते हैं, लक्ष्मी ऐसे लोगों को दंड देती हैं. इनके पास से हमेशा के लिए चली जाती है. लक्ष्मी जी को झूठ बोलने वाले लोग भी पसंद नहीं हैं|
स्वच्छता अपनाएं- चाणक्य नीति के अनुसार जो लोग स्वच्छता के नियमों को नहीं मानते हैं उन्हें लक्ष्मी जी अपना आशीर्वाद नहीं देती हैं| लक्ष्मी जी को स्वच्छता अधिक प्रिय है| इसलिए वे ऐसे स्थान पर रहना पसंद नहीं करती हैं जहां पर साफ-सफाई की बातों का ध्यान न रखा जाए. ऐसे स्थान को लक्ष्मी जी छोड़कर चली जाती हैं|
अहंकार से दूर रहें- चाणक्य नीति कहती है कि लक्ष्मी जी को अहंकार और क्रोध करने वाले लोग पसंद नहीं है| चाणक्य ने इन्हें अवगुण बताया है. जो व्यक्ति की सफलता में बाधक है. इन अवगुणों से व्यक्ति को दूर ही रहना चाहिए| अहंकार व्यक्ति की प्रतिभा, योग्यता, क्षमता और सम्मान सबकुछ नष्ट कर देता है. लक्ष्मी जी भी ऐसे लोगों को साथ छोड़कर चली जाती हैं|