बालाघाट | न्यूज़ डेस्क | राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन-नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत भारत शासन से प्राप्त निर्देशानुसार विश्व क्षय दिवस के अवसर पर दिनांक 24 मार्च 2021 को शहीद भगत सिंह जिला चिकित्सालय में ए.आर.टी.सेन्टर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयेाजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी डा मनोज पाण्डेय द्वारा टी.बी. रोग के संबंध जानकारी देते हुये बताया गया कि टीबी रोग का इलाज संभव है और इसका समय पर इलाज करा लेने पर आप स्वयं को और अपने पूरे परिवार को इस बीमारी से बचा सकते है। वर्तमान में और भी नई नई तकनीकों जैसे सीबीनाट, ट्रूनाट से मरीज की बीमारीयों में रजिस्टेंट की जानकारी का पता लगाया जाता है ताकि समय पर रोगी को उचित उपचार प्रदान किया जा सके और रोगियो का प्री ट्रीटमेंट इवेल्यूवेशन की सुविधा भी जिले में उपलब्ध है और समय पर दवाईयां लेने पर मरीज पूरी तरह से रोग मुक्त हो जाता है।
कार्याशाला को संबोधित करते हुये सिविल सर्जन डा अजय जैन द्वारा बताया गया कि मरीज को शुरूवाती अवस्था में 6 माह का ईलाज दिया जाता है मरीज यदि समय पर दवाईयों का सेवन करें तो मरीज 6 माह में ही पूरी तरह से सुधर जाता है यदि मरीज दवाईयों को लेने में आनाकानी करें या बीच बीच में ईलाज को छोड़ दे तो मरीज को गंभीर टीबी होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है और मरीज का ईलाज जो की 6 माह में पूर्ण हो जाता है वह बड़कर आगे एम.डी.आर. और एक्स.डी.आर मरीज के रूप मे निकल कर सामने आता है जो की कठिन है।
कार्यषाला को डब्ल्यु एच.ओ. कंसल्टेंट जबलपूर डिविजना से आई डा स्वर्णा रामटेके ने उपस्थित स्टाफ को रोगियों को समय पर फालोअप और समय पर जांच के लिए बताया ताकि उपचार में निरंतरता बनी रहें और उपचार अवधि में किसी भी तरह लापरवाही न बरतने देने की बात की एवं उपचार पूर्ण कराने हेतु बताया गया । कार्यशाला में जिला क्षय अधिकारी डा आशुतोष बांगरे, एमओ डीटीसी प्रियांश सोनकर एवं जिला क्षय केन्द्र से पीएमडीटी. समन्वयक श्री आलोक श्रीवास्तव, टी.बी.एच.व्ही श्री विजय चैतगुरू, एस.टी.एस. श्री त्रिलोक पारधी, एस.टी.एल एस. रिपुदमन चैहान एवं दीपक फाउंडेशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री यशवंत मेहरा एवं डीटीसी का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। विश्व क्षय दिवस 24 मार्च के उपलल्क्ष्य में सभी विकासखंड में अपने-अपने स्तर पर कार्यशाला एवं अन्य गतिविधियां संपादित की गई ।