December 14, 2021

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पत्‍नी समेत ये रिश्‍तेदार करें ऐसा व्‍यवहार तो उन्‍हें छोड़ने में न करें देर : तबाह कर देंगे जिंदगी




मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | जिंदगी में रिश्‍ते बहुत अहम होते हैं ये जिंदगी को खूबसूरत और प्‍यार भरा बनाते हैं| लेकिन रिश्‍ते यदि धोखा देने पर आ जाएं तो जिंदगी को जीते जी नर्क बना देते हैं| आचार्य चाणक्य ने रिश्‍तों को लेकर भी बहुत सारी अहम बातें कही हैं| उन्‍होंने दोस्‍तों-रिश्‍तेदारों को परखने के तरीके भी बताए हैं और विशेष स्थितियों में उन्‍हें छोड़ने की सलाह भी दी है| ताकि व्‍यक्ति जिंदगी में ढेर सारी मुसीबतों से बच सकते हैं|

आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि व्‍यक्ति को हमेशा ऐसे लोगों के साथ रहना चाहिए, जो उसे धर्म की राह पर चलाए| उसमें प्‍यार और मानवता की भावना जगाए| उसे मुसीबतों से बचाए और उसकी जिंदगी को खुशियों से भर दे| व्‍यक्ति को कभी भी ऐसे लोगों के साथ नहीं रहना चाहिए, जो उसे अधर्म की राह पर चलने पर मजबूर करें, फिर चाहे वह उसकी पत्‍नी ही क्‍यों न हो|

तुरंत छोड़ दें इन रिश्‍तों को
गुरु: गुरु का काम शिष्‍य को धर्म की राह पर चलने की सीख देना| यदि गुरु ही अज्ञान हो और वह शिष्‍य को गलत राह पर ले जाने लगे तो ऐसे गुरु का तुरंत त्‍याग कर देना चाहिए|

  • पति-​पत्‍नी: पति-पत्‍नी के रिश्‍ते के लिए प्रेम और भरोसा सबसे ज्‍यादा जरूरी है| गुस्‍सा और अहंकार की तो इस रिश्‍ते में जगह ही नहीं होती है| चाणक्‍य नीति में कहा गया है कि यदि पत्‍नी बहुत क्रोधी स्‍वभाव की हो तो पूरे घर का माहौल खराब रहता है| ऐसी स्थिति में ना तो पति-पत्‍नी खुश रह सकते हैं और ना ही बाकी परिवारजन|

इसके अलावा ऐसी पत्‍नी जो पति को बुरे काम करने के लिए मजबूर करे वो घर को बर्बाद कर देती है| आचार्य चाणक्‍य कहते हैं कि ऐसी पत्‍नी का त्‍याग करना ही बेहतर है, वरना जिंदगी को तबाह होने में देर नहीं लगती है|

  • भाई-बहन: भाई-बहन का रिश्‍ता बहुत पवित्र होता है| उनके बीच यदि प्‍यार-सम्‍मान न हो और वे मुश्किल के समय एक-दूसरे की मदद ने करें और आपस में लड़ें तो ऐसे भाई-बहन से रिश्‍ता खत्‍म कर देना ही बेहतर है|




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सोनम कौर भाटिया

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