मुंबई | न्यूज़ डेस्क | कोरोना वायरस से निपटना इसलिए सबसे ज्यादा मुश्किल साबित हुआ है क्योंकि इसका संक्रमण बेहद तेज़ी से होता है| यही वजह है कि कोरोना से रोकथाम में सैनिटाइज़र और फेस मास्क का इस्तेमाल बेहद अहम हो जाता है| इस सेफ्टी को और भी ज्यादा बेहतर करने के लिए अब जापान के वैज्ञानिकों ने ऐसा मास्क बनाया है, जो कोरोना के संपर्क में आते ही चमकने लगेगा|
ये आविष्कार कोरोना की रोकथाम में मील का पत्थर साबित हो सकता है| वैज्ञानिकों ने मास्क में ऑस्ट्रिच सेल्स का फिल्टर लगाया है| इन फिल्टर्स के ज़रिये कोरोना वायरस को पकड़ने में मास्क कहीं ज्यादा असरदार साबित होगा| जैसे ही कोविड-19 इसके संपर्क में आएगा अंधेरी जगह पर ये मास्क चमकने लगेगा|
इस मास्क का आविष्कार जापान की के प्रेसिडेंट यासुहिरो सुकामोटो ने एक रिसर्च ग्रुप के साथ मिलकर तैयार किया है| उनका कहना है कि लाइट सोर्स के तौर पर मास्क पर लाइट का भी इस्तेमाल किया जा सकता है| मास्क में ऑस्ट्रिच के अंडों से एंटीबॉडीज़ लेकर उनका इस्तेमाल किया गया है|
इन बर्ड्स को पहले कोरोना से बचाने वाले इंजेक्शन दिए गए थे| ऑस्ट्रिच बाहरी संक्रमण को न्यूट्रल करने वाली एंटीबॉडीज़ बनाने में माहिर होते हैं| ऐसे में इस एंटीबॉडी को मास्क पर स्प्रे करके ये देखा गया कि कोरोना वायरस के संपर्क में आने पर इसका क्या रिएक्शन होता है| 32 कोविड पेशेंट्स पर लगाातर 3 तक इसका प्रयोग करने के बाद देखा गया कि मास्क यूवी लाइट में चमक रहे थे|
ऑस्ट्रिच की एंटीबॉडी मास्क पर लगाने के बाद जब इसे पहना गया तो खाने, छींकने के दौरान मास्क ने वायरस को कैच कर लिया| इसके बाद जब मास्क को यूवी लाइट में रखा गया तो ये चमकने लगा| दिलचस्प बात ये रही कि स्मार्टफोन की एलईडी लाइट में भी मास्क काम कर रहा था|
अब इस इंस्पेक्शन किट को जापान में इस साल के अंत तक लोगों को दिए जाने की उम्मीद है| ये किसी भी मरीज़ के कोरोना इंफेक्टेड होने के संकेत दे देगा, जिससे बाकी लोगों का बचाव हो सकेगा|