बालाघाट | न्यूज़ डेस्क | जिला क्षय अधिकारी डॉ आशुतोष बांगरे ने 14 माह की बच्ची नित्या चौधरी, जो कि टीबी रोग से ग्रसित पाई गई है, उसे गोद लिया और उसके टीबी से मुक्त होने तक उसे हर माह 500 रुपये की राशि पोषण आहार के लिए अपनी ओर से देने का संकल्प लिया है।
शासन की योजना के अनुसार टीबी के मरीज को उपचार के दौरान 06 माह तक प्रति माह 500 रुपये की राशि पोषण आहार के लिए प्रदान की जाती है। डॉ बांगरे ने बताया कि बच्ची नित्या को शासन से मिलने वाली 500 रुपये की राशि के अतिरिक्त वे अपनी ओर से हर माह 500 रुपये की राशि प्रदान करेंगें। जिससे बालिका के माता-पिता उसे अच्छा आहार दे सकेंगें और बालिका टीबी को मात देकर शीघ्र स्वस्थ्य हो सकेगी।
नित्या चौधरी वारासिवनी तहसील के ग्राम भांडी के निवासी रेखा-अनिल चौधरी की 14 माह की बेटी है। कम वजन की होने एवं कुपोषित होने के कारण नित्या को जिला चिकित्सालय के पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराया गया था। पोषण पुनर्वास केन्द्र में जांच के दौरान पाया गया कि बच्ची नित्या टीबी से ग्रसित है। पोषण पुनर्वास केन्द्र में निर्धारित दिनों तक भर्ती रहने के बाद उसे आज 04 मार्च को छुट्टी दे दी गई है।
अब नित्या का टीबी का उपचार घर पर ही किया जायेगा। उसके टीबी के उपचार के लिए जरूरी दवायें प्रदान की गई है और उसके माता-पिता को सलाह दी गई है कि बच्ची को दवा निर्धारित समय के अनुसार अनिवार्य रूप से दी जाये। कोई भी दवा छूटना नहीं चाहिए। दवाओं का कोर्स पूर्ण करने पर नित्या 06 माह में टीबी को परास्त कर ठीक हो जायेगी। नित्या चौधरी के माता-पिता भी अब पूरी तरह से आश्वस्त है कि उनकी बेटी को डॉ बांगरे का संरक्षण मिलने से वह जल्द ही स्वस्थ्य हो जायेगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडेय ने डॉ आशुतोष बांगरे द्वारा की गई पहल की सराहना करते हुए कहा उनके इस कार्य से प्रेरित होकर अन्य लोग भी ऐसे जरूरतमंद बच्चों की मदद के लिए आगे आयेंगें।