मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | चाणक्य नीति जीवन में सफल बनने के लिए प्रेरित करती है| चाणक्य नीति व्यक्ति को सही और गलत का भेद भी बताती है| चाणक्य की गिनती भारत के श्रेष्ठ विद्वानों में की जाती है| चाणक्य को आचार्य चाणक्य के नाम से भी जाना जाता है| चाणक्य का संबंध अपने समय के विश्व प्रसिद्ध तक्षशिला विश्व विद्यालय से था| चाणक्य यहां पर विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करते थे|
आचार्य चाणक्य अर्थशास्त्र, राजनीति शास्त्र, कूटनीति शास्त्र और समाज शास्त्र आदि विषयों के विद्वान थे| चाणक्य ने अपने ज्ञान और अनुभव से पाया कि व्यक्ति जब तनाव और विवाद से दूर रहता है, तो उसकी सफलता की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है| चाणक्य नीति के अनुसार तनाव और विवाद से दूर रहने वाले व्यक्ति आसानी से अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर लेते हैं| तनाव और विवाद से बचने के लिए चाणक्य ने कुछ बातें बताई हैं, इन्हें आप भी जान लें|
लोभ कभी न करें- चाणक्य नीति कहती है कि मनुष्य को लोभ से दूर रहना चाहिए| लोभ के कारण ही व्यक्ति स्वार्थी बनाती है और अन्य अवगुणों को अपनाता है| लोभ तनाव की सबसे बड़ा कारण है| लोभ करने वाला व्यक्ति कभी संतुष्ठ नहीं होता है और अधिक पाने की चाहत, उसे तनाव की तरफ धकेल देती हैं| तनाव कई रोगों का कारक भी है. इसलिए जीवन को अनमोल मानते हुए तनाव से दूर रहने का प्रयास करें|
गुस्सा न करें- चाणक्य नीति कहती है कि क्रोध यानि गुस्सा तनाव और विवाद का कारण बनता है| क्रोध करने वाले व्यक्ति से हर कोई दूरी बनाना चाहता है| क्रोध गुणों को भी नष्ट करता है| इसलिए गुस्सा न करें|
घमंड से दूर रहें- चाणक्य नीति कहती है कि व्यक्ति को अहंकार यानि घमंड से दूर रहने का प्रयास करना चाहिए| ये एक ऐसा अवगुण है जो व्यक्ति की प्रतिभा को भी नष्ट कर देता है| घमंड करने वालों को लक्ष्मी जी की भी कृपा प्राप्त नहीं होती है. अहंकार तनाव और विवाद के साथ क्रोध में भी वृद्धि करता है| जीवन में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो इससे दूरी बनाकर रखें|