मुंबई | न्यूज़ डेस्क | म्यूऑन जैसे अपरमाणविक कण हमें दिखाई नहीं देते, लेकिन ये हमारे आसपास हमेशा मौजूद रहते हैं और इसका हम पर कोई असर भी नहीं होता है | ये महीन कण जब बनते हैं जब पृथ्वी के वायुमंडल से कॉस्मिक विकरणों का टकराव होता है | लेकिन ये जल्दी ही विखंडित भी हो जाते हैं | चार साल पहले मिस्र के पिरामिड के छिपे तहखाने की खोज भी एक्स रे की तरह भेदन कर पाने वाले म्यूऑन की मदद से ही हुई थी | अब वैज्ञानिकों ने ज्वालामुखियों की आंतरिक संरचना का नक्शा बनाने के लिए भी म्यूऑन का उपयोग किया है |
ज्वालामुखियों का नक्शा बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने मापा कि कि ये महीन कण कितनी कारगरता से पृथ्वी के अंदर बहते मैग्मा से गुजर पाते हैं | प्रोसिडिंग्स ऑफ द रॉयल सोसाइटी में प्रकाश इस अध्ययन के प्रमुख लेखक और चिली की आटाकामा यूनिवर्सिटी के भूभौतिकविद जोवान्नी लियोनी ने बताया कि इस जानकारी का उपयोग उन्होंने भूगर्भीय सूचनाओं के निर्माण के लिए किया | यह अध्ययन में शोधकर्ताओं ने एक तकनीक म्यूओग्राफी का उपयोग किया जो लियोन के मुताबकि एक दिन मैग्मा की पहचान करने का सिस्टम बन सकती है |
ज्वालामुखियों का नक्शा बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने मापा कि कि ये महीन कण कितनी कारगरता से पृथ्वी के अंदर बहते मैग्मा से गुजर पाते हैं | प्रोसिडिंग्स ऑफ द रॉयल सोसाइटी में प्रकाश इस अध्ययन के प्रमुख लेखक और चिली की आटाकामा यूनिवर्सिटी के भूभौतिकविद जोवान्नी लियोनी ने बताया कि इस जानकारी का उपयोग उन्होंने भूगर्भीय सूचनाओं के निर्माण के लिए किया | यह अध्ययन में शोधकर्ताओं ने एक तकनीक म्यूओग्राफी का उपयोग किया जो लियोन के मुताबकि एक दिन मैग्मा की पहचान करने का सिस्टम बन सकती है |