मुंबई | ऋषि भट्ट | शादी के बाद अपने हनीमून को लेकर कपल्स बड़ी-बड़ी प्लानिंग करते हैं| एक साथ आउटिंग पर जाने को लेकर उनके तमाम सपने रहते हैं| कुछ ऐसे ही सपने लेकर एक ब्रिटिश कपल बारबाडोस पहुंचा| यहां पहुंचने के बाद जब दुल्हन का कोविड-19 टेस्ट कराया गया, तो उनके ये सारे सपने चकनाचूर हो गए| एक-दूसरे का साथ एंजॉय करने पहुंचे कपल को उसी रात अलग-अलग कर दिया गया |
27 साल की एमी और 33 साल के एल्बर्टो, वेस्ट लंदन के किसविक के रहने वाले हैं| शादी के 3 दिन बाद वे हनीमून के लिए आयरलैंड के बारबाडोस पहुंचे| लंदन से निकलने से पहले दोनों ने ज़रूरी PCR Test कराया था, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी |
जब वे ब्रिजटाउन एयरपोर्ट पर पहुंचे, तो एक बार फिर उनका टेस्ट कराया गया और इसके नतीजे के लिए उन्हें इंतज़ार करने के लिए कहा गया| एलबर्टो का टेस्ट तो निगेटिव आ गया, लेकिन एमी के नतीजे के लिए उन्हें इंतज़ार करने को कहा गया|
नई-नवेली दुल्हन एमी के कोविड टेस्ट के रिजल्ट का काफी इंतज़ार करने के बाद उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई| शाम 5 बजे एमी को इसकी जानकारी दी गई और उन्हें तैयार रहने के लिए कहा गया| रात को 9 बजे के करीब एमी को उनके होटल से निकालकर सरकारी आइसोलेशन सेंटर पहुंचा दिया गया| ये सेंटर एक प्राइमरी स्कूल में बना था और उन्हें अगले 10 दिन तक वहां रहना था|
एमी के पति से पत्नी की ये हालत देखी नहीं गई, वो रात भर उनसे फोन पर बात करते रहे, जबकि एमी लगातार रो रही थीं| एमी को 6 अजनबियों के साथ अपना रूम शेयर करना था, जबकि पानी और टॉयलेट की सुविधाएं भी ठीक नहीं थीं|
एमी की हालत देखकर उनके पति ने किसी तरह ये पता लगाया कि उन्हें सरकारी सेंटर से निकालकर किसी प्राइवेट वार्ड में कैसे भर्ती कराया जाए? गनीमत ये रही कि सरकारी सेंटर से उन्हें निकालकर वहां |
मौजूद अकेले आइसोलेशन वार्ड में एमी को ट्रांसफर कराया गया| वहीं खुद एलबर्टो ने एक सस्ते फ्लैट में अपने आपको क्वारंटीन के लिए शिफ्ट किया| एमी के वार्ड में हर रात का 22 हज़ार रुपये चार्ज किया जा रहा था, जबकि डॉक्टर की फीस भी 18 हज़ार रुपये तक पड़ रही थी |
उन्होंने जिस होटल में बुकिंग की थी, वहां से उन्हें रिफंड नहीं मिला और उन्हें लाखों की फ्लाइट लेकर भी वापस आना पड़ा | कपल का कहना है कि अपने हनीमून से वापस आने में उनके सारे पैसे खर्च हो गए और उन्हें आते ही काम पर जाना पड़ा|