बैंगलोर | न्यूज़ डेस्क | आपने आजतक लोगों को बदला लेते देखा होगा. इंसान अपने साथ हुए गलत व्यवहार का बदला लेते हुए आपने देखा होगा. अगर कोई किसी के साथ कुछ बुरा करता है, तो इंसान अपने हिसाब से उसका बदला लेता है| लेकिन आजतक कभी जानवरों में ऐसी भावना नहीं देखी गई थी | इस कारण जब कर्णाटक ने बदला लेने वाले बंदर की खबरें सामने आई, तो लोग हैरान रह गए. सोशल मीडिया पर इस बदला लेने वाले बंदर की खूब चर्चा हो रही है |
मामला कर्नाटक के चिकमगलूर जिले के कोट्टिघेरा गांव से सामने आई. इस गांव में कुछ दिनों से पांच साल का एक बंदर आतंक मचा रहा था. इससे लोगों के मन में खौफ आ गया था. बंदर के खौफ के कारण लोग परेशान थे. बंदर को पकड़वाने के लिए गांव में रहने वाले एक शख्स जगदीश ने वन वभाग को सूचना दी |
इसके बाद बंदर को पकड़वाने में भी जगदीश ने मदद की. बंदर को पकड़ तो लिया गया लेकिन बंदर ने शख्स को पहचान लिया. जंगल में छोड़े जाने के बाद बंदर एक हफ्ते बाद वापस आया | लेकिन लोगों को तंग करने के लिए नहीं | अपने आप को पकड़वाने वाले जगदीश से बदला लेने |
जानकारी के मुताबिक़, 5 साल का ये बंदर बोनेट मैकक्वे प्रजाति का था | ये गांव में आने-जाने वाले लोगों पर अटैक कर देता था |अगर कोई कुछ खाता दिखाई देता, तो उससे खाना छीन लेता | सब्जी और फल बेचने वाले उससे त्रस्त हो गए थे. बंदर गांव के बच्चों को परेशान कर रहा था | इस कारण गांव में रहने वाले एक ऑटो ड्राइवर ने वन विभाग को उसे पकड़ने के लिए कॉल कर दिया | टीम वहां आई और बंदर को पकड़कर ले गई |
बंदर को बुलाने वाले ऑटो ड्राइवर ने उसे पकड़वाने में भी मदद की ऑटो ड्राइवर ने जाल बुनकर उसे फंसा लिया था | इसके बाद वन विभाग की टीम उसे लेकर जंगल गई और वहां छोड़ आई | बंदर के निशाने पर ऑटो ड्राइवर आ चुका था | एक हफ्ते गांव में शांति रही लेकिन इसके बाद बंदर वापस आ गया. इस बार उसने किसी और को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया | उसका टारगेट सिर्फ और सिर्फ ऑटो चालक था | वो जहां जाता, बंदर पीछे पीछे पहुंच जाता. बंदर ने उसपर अटैक किया | उसके ऑटो की सीट फाड़ दी. शख्स बंदर के खौफ से घर से नहीं निकल पा रहा था. दुबारा से वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई और 22 सितंबर को उसे फिर से जंगल छोड़ा गया |