बैहर | अभिजीत तिवारी | गोदरेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड, फैमिली हैल्थ इण्डिया, परिवार स्वास्थ्य कल्याण विभाग एवं कम्युनिटी डेवलपमेंट सेंटर के संयुक्त तत्वाधान में चल रही एंबेड परियोजना बैहर ,बिरसा, परसवाड़ा के अति मलेरिया प्रभावित 47 ग्रामों की 47 आशाओं को प्रशिक्षित कर रही है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 9/12/20 से 23/12/20 ,कोरोना वायरस महामारी को ध्यान में रखकर डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए 6-6 आशा कार्यकर्ताओं के समूह में चलाया जा रहा है।
आशा कार्यकर्ताओं को ग्राम चौपाल के माध्यम से मलेरिया की रोकथाम हेतु ग्राम वासियों को जागरूक करने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस दौरान चौपाल लगाने के तरीके एंबेड परियोजना द्वारा विकसित मॉड्यूलो के जरिए ग्रामीणों को मच्छर जनित बीमारी जैसे डेंगू,मलेरिया के बारे में चित्रों एवं छोटी-छोटी कहानियों के माध्यम से आसान भाषा मैं समझाने का प्रयत्न किया जा रहा है। मॉड्यूल का प्रयोग करते हुए आशा कार्यकर्ताओं को मलेरिया व उसके लक्षण, मलेरिया की जांच , उपचार तथा रोकथाम के विषय में आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे इन मॉडल के जरिए ग्राम वासियों को मलेरिया के प्रति सजग और जागरूक करसकें।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ताओं को आने वाले वित्तीय वर्ष 2021 -2022 की मलेरिया रोकथाम हेतु कार्य योजना भी बनवाई जा रही है ताकि आशा कार्यकर्ता अपने ग्राम को मलेरिया से मुक्त करने हेतु योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर सकें।जिसमें नियमित रूप से ग्राम वासियों को सजग करना, जल भराव वाले स्थानों पर तेल परतीकरण करना, निकासी की व्यवस्था करना, लार्वा विनिष्टिकरण करना, ग्रामीणों द्वारा मच्छरदानी का इस्तेमाल करने का फॉलोअप करना, बुखार के मरीजों की खून की जांच करना, मलेरिया का पूर्ण इलाज सुनिश्चित करना शामिल है। इस कार्ययोजना में डेंगू दिवस, मलेरिया दिवस, विश्व मच्छर दिवस, मलेरिया निरोधक माह को मलेरिया जागरूकता हेतु मनाना, इसी के साथ ग्राम सभा में भी मलेरिया और मच्छर से जुड़े मुद्दों को उठाना और निवारण करने के लिए योजना बनाना शामिल है।
प्रशिक्षण में सभी आशाओं को आशा किट वितरित किए जा रहे हैं जिसमें मॉड्यूल, स्टोरी कार्ड और सिचुएशन कार्ड शामिल है ।