मोहला, मानपुर, अ चौकी। केजन साहू। मोहला, मानपुर अ चौकी जिले में ग्राम पंचायतों के अधिकारों को लेकर विवाद गहरा गया है। जिले भर के सरपंच जिला पंचायत के भ्रष्ट कार्यप्रणाली के खिलाफ लाम बंद हो गए हैं। अफसर शाही के खिलाफ मचे बवाल के बीच पंचायतों के अधिकार क्षेत्र में स्वीकृत करोड़ों रुपए के विभिन्न निर्माण कार्य को बालोद ,गुडरदेही तथा कांग्रेस के नेताओ को कमीशन बेस पर काम बाट दिया गया है निर्माण कार्य में व्यापक तौर पर बंदरबांट किया जा रहा है। इधर पंचायत तथाकथित कमीशन खोर व्यवस्था के बीच बेरोजगार है भाजपा नेताओं के हाथ में एक भी काम नहीं है।
आरोपो के मुताबिक जिला पंचायत से कमीशन बेस में लोक शिक्षण मद से करीब 2 करोड़ 82 लाख रुपये, अधोसंरचना विकास एवं पर्यावरण उपकर निधि से 2 करोड़ 88 लाख रुपये, तथा मुख्यमंत्री समग्र निधि से 3 करोड़ 19 लाख रुपये के विकास कार्य को मुख्य कार्य एजेंसी ग्राम पंचायतों को दरकिनार कर । बालोद गुण्डरदेही के ठेकेदार तथा स्थानीय कांग्रेस नेताओं को कमीशन बेस पर ग्राम पंचायत में ठेकेदार के रूप में उतार दिया गया है। अफसर शाही के खिलाफ एकजुट हुए सरपंचों का आरोप है कि इससे निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारो को खत्म कर दिया गया है। पंचायत में स्तरहीन निर्माण कार्य हो रहे हैं कुल मिलाकर मिल बांट के पचा लो जो अंशदान है के तर्ज पर जिले में लूट मचा हुआ है।
सरपंचों का आरोप है कि भाजपा सरकार में ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने के बजाय उनकी भूमिका सीमित की जा रही है। तथा विकास कार्यों का लाभ बिचौलियों और ठेकेदारों को पहुंचाया जा रहा है।
कमीशन के खेल में लूट मचा है-इस मामले में मोहला-मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी ने भी भाजपा सरकार और जिला प्रशासन पर निशाना साधा है उन्होंने कहा, "भाजपा सरकार में अफसरशाही पूरी तरह बेलगाम हो चुकी है। ग्राम पंचायतों के संवैधानिक अधिकार छीनकर बिचौलियों और ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। यह पंचायत राज व्यवस्था और लोकतंत्र पर सीधा हमला है। कांग्रेस पंचायतों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। अधिकारियों की तानाशाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भाजपा के ही सरपंच व्यवस्था के खिलाफ-इधर जिले के अधिकांश भाजपा के सरपंच इस कमीशन खोर व्यवस्था के खिलाफ हो गए हैं ,सरपंच इस मुद्दे को लेकर लगातार लामबंद हैं। उनका कहना है कि पंचायतों के अधिकारों की बहाली के लिए जिला प्रशासन से लेकर शासन स्तर तक लगातार शिकायतें और ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। उनका कहना है कि यदि ग्राम पंचायतों के वैधानिक अधिकार बहाल नहीं किए गए और विकास कार्य पंचायतों के माध्यम से कराए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेंगे इसके साथ ही सामूहिक जिले के सरपंच इस्तीफा देंगे
सरपंच और भाजपा नेता बेरोजगार कांग्रेसियों को काम-इस जिले में अलग ही राजनीतिक गंगा बह रही है जिले के तमाम सरपंच और स्थानीय भाजपा नेता निठल्ले बैठे हुए हैं ग्राम पंचायत में स्वीकृत निर्माण एजेंसी तो पंचायत है परन्तु काम कमीशन के खेल में सांठ-गांठ के बीच बिचौलिए कर रहे है।
इस स्वीकृति में हो रहा खेल-
ग्राम सरोली में डोम शेड निर्माण 20 लाख, बोरिया 20 लाख, मुरारगोटा 20 लाख, आतरगांव 19.50 लाख, बहोरन भेड़ी 19.50 लाख, बाँधा बाजार में 19.50 लाख, नेडगांव में 20 लाख, कोराचा में 20 लाख, नवागांव में 20 लाख, सांगली में पुलिया 15 लाख, हितागुटा में पुलिया 15 लाख, बहोरन भेड़ी के पुलिया 20 लाख इसी प्रकार लोक शिक्षण मद से प्राथमिक शाला, शासकीय हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्रार्थना शेड निर्माण गोटाटोला 10 लाख, सांगली 10 लाख, करमरी 10 लाख, कोर्रामटोला 10, लाख, मोतीपुर 10 लाख, पांडरवानी10 लाख, मटेवा 10 लाख, कुम्हली 10 लाख, वासड़ी 10 लाख, करमरी 10 लाख, इरागांव 10 लाख, भरीटोला 10 लाख, बोरिया 10 लाख, दूगाटोला 10 लाख, भोजटोला 10 लाख, ककईपार 10 लाख, कौड़ीकसा 10 लाख, भरीटोला 10 लाख, गोपलिनचुवा 10 लाख, कोर्रामटोला 10 लाख, डूमरटोला 10 लाख, खड़गांव 10 लाख आदि का कार्य जिला पंचायत के भ्रष्ट कार्य प्रणाली कमीशन खोरी और संरक्षण में बिचौलिए कर रहे है और सरपंचों से केवल दबाव बनाकर चेक मांगा जा रहा है।