रायपुर । विक्की चौहान। छत्तीसगढ़ में प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने 21 सितंबर शनिवार को छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने यह घोषणा कवर्धा में प्रेसकांफ्रेंस को संबोधित करते हुए की। बैज और पूर्व सीएम भूपेश बघेल लोहारीडीह में गुरुवार को घटना स्थल पर पहुंचे। जहां उन्होंने गृहमंत्री विजय शर्मा से इस्तीफा मांगा। साथ ही मृतक शिवप्रसाद साहू के शव का दोबारा पीएम कराने की मांग की है।बता दें कि कवर्धा लोहारिडीह अग्निकांड मामले के पांचवे दिन न्यायिक हिरासत में जेल में बंद प्रशांत साहू की मौत के बाद उनका शव उनके गांव पहुंचा। अंतिम संस्कार के वक्त शव में बड़े जख्म और काले धब्बे दिखे तो उनका पूरा परिवार और रिश्तेदार रो पड़े।
प्रशांत साहू के अंतिम संस्कार का में शामिल होने पहुंचे पीसीसी चीफ और भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ बंद का ऐलान किया है। पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद दीपक बैज ने मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेताओं ने गृहमंत्री के जिले में घटना होने के चलते गृहमंत्री को बर्खास्त करने की मांग मुख्यमंत्री से की।
बैज ने बातचीत में कहा कि कानून व्यवस्था के फेल होने के विरोध में हम 21 सितंबर को छत्तीसगढ़ बंद का ऐलान कर रहे हैं। कांग्रेस ने घटना की जांच हाईकोर्ट के सीटिंग जज ने करने की मांग की है। कचरू साहू का दोबारा पोस्टमार्टम करने की मांग प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने की है। बता दें कि रेंगाखार थाने की सीसीटीवी फुटेज निकलवाने की मांग करते हुए कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन और गृहमंत्री पर नाकामी का आरोप लगाया है।
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में अपराध को रोकने में ये सराकर नाकाम साबित हो रही है। प्रदेश में डर और भय का माहौल बनता जा रहा है। महिलाएं, माताएं और बच्चे तक सुरक्षित नहीं हैं। गृहमंत्री का ये क्षेत्र उनसे अपना विधानसभा क्षेत्र तक नहीं संभल रहा है। सरकार की नाकामियों को देखते हुए हमने 21 सितंबर को छत्तीसगढ़ बंद का ऐलान किया है। प्रदेश में बढ़ रहे आपराधिक घटनाओं और गृहमंत्री के खिलाफ ये बंद है।इस मामले में बुधवार देर रात ASP विकास कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, गांव वालों ने मुलाकात के दौरान पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने शिकायत की थी कि IPS ने बंदी के साथ मारपीट की थी। CM के निर्देश के बाद कड़ी कार्रवाई की गई है।https://x.com/bhupeshbaghel
कवर्धा में कैसे भड़की हिंसा
14 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ता ने खुदकुशी की थी।
15 सितंबर को हत्या के शक में उप सरपंच को जिंदा जला दिया गया। उप सरपंच रघुनाथ साहू BJP के मंडल अध्यक्ष भी रहे हैं।
इस मामले में पुलिस ने कई आरोपियों को किया था गिरफ्तार।
18 सितंबर को कवर्धा जेल में बंद युवक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। जेल में मौत के बाद इस मुद्दे ने तूल पकड़ा।
CM के निर्देश के बाद ASP विकास कुमार को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं सीएम ने मृतक के परिजन को 10 लाख रुपए मुआवजा देने का ऐलान कर दिया।
ये आँसू ह्रदय को झकझोर दे रहे है । पुलिस की ऐसी बर्बरता छत्तीसगढ़ में कभी सुनी नहीं गई।
प्रशांत साहू को पीट-पीट कर मार दिया, उसकी माता जी के शरीर में भी चोट के निशान होने की बात पता चली है, पुलिस की प्रताड़ना के चलते वे चल नहीं पा रही हैं, खून की उल्टियां कर रही हैं लेकिन फिर भी उनसे कारागृह में काम करवाया जा रहा है।
कवर्धा कांड में हमारी मांग: भूपेश बघेल
गृहमंत्री को तुरंत बर्खास्त करें मुख्यमंत्री।
एसपी को तुरंत बर्खास्त किया जाए।
डॉक्टर की टीम बनाकर कचरू साहू का दोबारा पोस्टमार्टम किया जाए।
रेंगाखार थाने की सीसीटीवी फुटेज निकाली जाए।
हाईकोर्ट के सीटिंग जज से घटना की जाँच कराई जाए।
महिलाओं से हुई बर्बरता की जाँच राज्य महिला आयोग से कराई जाए।
3 दिन पहले पुलिस ने मृतक को किया था गिरफ्तार लोहारीडीह निवासी आरोपी प्रशांत साहू को पुलिस ने भाजपा नेता शिवप्रकाश उर्फ कचरू साहू की हत्या के आरोप में 3 दिन पहले गिरफ्तार किया था। बुधवार को न्यायिक हिरासत में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि, जेल में आरोपी की तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।