May 11, 2023

Join With Us


लड़कियों और महिलाओं की योनि कितनी होती है गहरी और चौड़ी : समझें कुवारेपन और शादी के बाद का अंतर




मुंबई । न्यूज डेस्क ।  नमस्ते दोस्तों, कैसे हो आप?  लड़कियों की योनि की गहराई के बारे में जानकारी प्राप्त करने के बारे में खासकर लड़कों को काफी उत्सुकता रहती है। किशोरावस्था के दौरान जब एक लड़की के मासिक धर्म की शुरुआत होती है; तब अंदरूनी रूप से उसके अंदर काफी शारीरिक बदलाव देखने को मिलते हैं। जब एक लड़की १८ से १९ वर्ष के हो जाती है; तब उसके जनन अंगों का विकास पूरी तरीके से तेजी पर होता है।


साथ ही, शारीरिक संबंध बनाने के लिए लड़की लगभग १८ साल की उम्र तक पूरी तरीके से परिपक्व हो जाती है। किशोरावस्था के दौरान लड़कियों के योनि के हिस्से में भी काफी बदलाव देखे जाते हैं। किशोरावस्था के दौरान लड़कियों के योनि के हिस्से में टाइटनेस बढ़ जाती है और योनि के आसपास बाल आना शुरू हो जाते हैं।


यह सारे ही बदलाव अंदरुनी रूप से होने वाले हार्मोनल बदलाव की वजह से होते हैं। जैसे-जैसे लड़की की उम्र बढ़ती जाती है; वैसे वैसे उसके योनि का हिस्सा भी अस्थाई रूप से बदलते जाता है। जब एक लड़की की शादी होती है; तब शादी के बाद उसकी सेक्स लाइफ शुरू होती है। सेक्स लाइफ शुरू होने के बाद महिलाओं के योनि के हिस्से में काफी बदलाव आते हैं।


जब वह प्राकृतिक रूप से बच्चे को जन्म देती है; तब लड़कियों के योनि का आकार अस्थाई रूप से बड़ा हो जाता है। लेकिन, जैसे-जैसे डिलीवरी के बाद रिकवर होना शुरू हो जाती है; वैसे वैसे उसके योनि का आकार भी नॉर्मल हो जाता है और योनि में लचीलापन फिर से वापस लौट आता है। किशोरावस्था के दौरान की लड़की की योनि और रजोनिवृत्ति के दौरान एक महिला की योनि में बहुत बड़ा अंतर होता है।


किशोरावस्था के दौरान के लड़की की योनि में टाइटनेस तथा लचीलापन बहुत ज्यादा होता है; वहीं दूसरी ओर रजोनिवृत्ति के दौरान महिलाओं के योनि में लचीलापन बहुत ही कम हो जाता है और योनि में ढीलेपन की समस्या हो जाती है। लड़कियों के योनि की गहराई तथा महिलाओं के योनि में गहराई के बीच बहुत कम अंतर होता है।


लड़की की योनि कैसी होती हैं ? 

दोस्तों, लड़की या महिलाओं की योनि का हिस्सा उनके जननांगों के का हिस्सा होता है; जो वह बहुत ही महत्वपूर्ण, नाजुक, संवेदनशील तथा मुलायम होता है। लड़कियों तथा महिलाओं के योनि का आकार बहुत ही जटिलताओं से भरा होता है।


योनि को इंग्लिश में “वजाइना” कहते हैं। योनि का अंदरुनी रूप से पाए जाने वाला हिस्सा बहुत ही अलग होता है। योनि के बाहरी रूप से पाए जाने वाले हिस्से में योनि के आसपास बाल देखने को मिलते हैं। इसीलिए, इन बालों की वजह से योनि के हिस्से को हम आसानी से देख नहीं पाते हैं।


योनि का बाहरी हिस्सा जिसे हम भग कहते हैं; उसका प्रवेश या एंट्री दोनों जांघों के बीच से होता है। योनि के हिस्से में कई उप अंग पाए जाते हैं। जैसे; भग मूत्र मार्ग का छिद्र, भगशिशिनीका, भगोष्ट, लघु भघोष्ट, योनि की झिल्ली आदि। सेक्स के दौरान जब एक लड़का लड़की के योनि के अंदर लिंग डालकर सेक्स करता है; तब लगभग यह सारे ही उप अंग उस प्रक्रिया में शामिल होते हैं।


सेक्स के दौरान जब एक लड़का फोरप्ले करता है और लड़की के योनि के क्लिटोरिस नामक हिस्से को सहलाता है; तब लड़की सेक्स के लिए बहुत ही उत्तेजित हो जाती है। सेक्स के लिए उत्तेजित होने के बाद लड़की के योनि में से चिपचिपा पदार्थ निकलता है; जो लिंग का योनि में प्रवेश को आसान कर देता है।


अगर क्लीटोरिस के जरिए लड़की को उत्तेजित ना किया जाए; तो लड़कियों के योनि में से चिपचिपा पदार्थ नहीं निकलता है। इसीलिए, लड़कियों के योनि में लिंग का प्रवेश करते समय परेशानी का अनुभव हो सकता है।


लड़की के गर्भाशय से लड़की के योनि तक की लंबाई लगभग ७ से १० सेंटीमीटर होती है। जब एक लड़की के पीरियड्स शुरू होते हैं; तब योनि मार्ग से ही पीरियड ब्लड बाहर निकलता है। साथ ही, गर्भावस्था का दौर पूर्ण होने के बाद जब एक लड़की नेचुरल डिलीवरी के तहत बच्चे को जन्म देती है; तब बच्चा इसी योनि मार्ग से बाहर निकलता है।

इसीलिए, महिलाओं की योनि का हिस्सा बहुत ही आवश्यक एवं संवेदनशील माना जाता है; जो ना सिर्फ एक सेक्स ऑर्गन होता है; बल्कि महिलाओं के अंग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।


लड़की की योनि की गहराई कितनी होती है ?

दोस्तों, लड़कियो योनि की गहराई के बारे में बात की जाए; तो लड़कियां तथा महिलाओं के योनि की गहराई तथा लंबाई उम्र के अनुसार अस्थाई रूप से बदलती रहती है। बढ़ती उम्र के साथ जैसे-जैसे लड़कियों की उम्र बढ़ती जाती है; वैसे वैसे उनके योनि की गहराई या लंबाई भी बढ़ती है। औसतन लड़कियों के योनि की गहराई ३ इंच से लेकर ५.५ इंच तक रहती है। एक वयस्क महिला के योनि की गहराई लगभग ६ इंच तक रहती है।

जब योनि द्वारा प्रसव होता है और महिलाएं नेचुरल डिलीवरी के तहत बच्चों को जन्म देती है; तब अस्थाई रूप से योनि की चौड़ाई, लंबाई तथा गहराई बढ़ सकती है। नेचुरल तरीके से योनि के द्वारा बच्चे को जन्म देने के बाद महिलाओं के योनि की गहराई तथा लंबाई में बदलाव आता है। लेकिन, जैसे-जैसे डिलीवरी के बाद महिलाओं की रिकवरी होती है; वैसे वैसे योनि की गहराई तथा लंबाई पूर्व अनुसार हो जाती है और योनि का लचीलापन फिर से वापस आ जाता है।


लड़की की योनि कितना बड़ा लिंग ले सकती है ?

दोस्तों, लड़की के साथ सेक्स करते समय जब एक लड़का उसके योनि में अपना लिंग डालता है; तो शुरुआत के दौर में लड़की को थोड़े परेशानी का अनुभव हो सकता है। वैसे देखा जाए; तो भारतीय पुरुषों के लिंग का आकार इरेक्शन प्राप्त करने के बाद लगभग ५.५ से ६ इंच का हो जाता है। इतना बड़ा लिंग लड़की अपनी योनि में आसानी से ले सकती हैं। साथ ही, कुछ पुरुषों का लिंग इरेक्शन प्राप्त करने के बाद ७ से ८ इंच का भी हो जाता है। ऐसे में, इतने बड़े लिंग के साथ लड़की के साथ सेक्स करते हुए आपको लिंग का योनि में प्रवेश करते हुए बहुत ही सावधानी बरतनी आवश्यक होती हैं।

७ से ८ इंच का लिंग योनि में डालते समय धीरे-धीरे से डालना चाहिए; ताकि लड़की को किसी प्रकार का इन्फेक्शन या परेशानी ना हो। वैसे देखा जाए; तो लड़की के या महिला के योनि में कितने भी आकर का लिंग डाला जा सकता है; लेकिन, ऐसा होने पर उसके गर्भाशय को चोट पहुंचने की आशंका बनी रहती है। इसीलिए, पुरुषों को लिंग के आकार को ध्यान में रखते हुए सेक्स के दौरान लड़की के साथ व्यवहार करना चाहिए; ताकि आपके रिश्ते में कोई अनबन ना हो और लड़की को किसी तरह की चोट ना लगे।

लड़की के योनि की गहराई बढ़ सकती है क्या ? 

दोस्तों, जैसा कि हम सभी जानते हैं; महिलाओं के शरीर में ताउम्र बदलाव देखे जाते हैं। शादीशुदा होने के बाद पति के साथ सेक्स करते समय उसके योनि में काफी बदलाव आते हैं। साथ ही, जब महिलाएं अपने पति के साथ सेक्स करती हैं; तब योनि अपने उत्तेजना के आधार पर अंदरुनी रूप से योनि के आकार में बदलाव करती है। सेक्स से योनि में आए यह बदलाव शारीरिक संबंध बनाने की प्रक्रिया को आसान बनाने में मददगार होते हैं।

सेक्स के दौरान योनि अपनी गहराई लगभग २.५ से ३ इंच तक कर सकती हैं। सेक्स के दौरान अस्थाई रूप से योनि के गहराई में बदलाव आता है; जो सेक्स की प्रक्रिया होने के कुछ समय बाद अपने आप नॉर्मल स्थिति में और आकार में वापस आ जाती हैं।

जब महिलाओं की डिलीवरी नेचुरल तरीके से होती है यानी वह अपने योनि के द्वारा बच्चे को जन्म देती है; तब बच्चे के वजन तथा आकार के अनुसार योनि के हिस्से में फैलाव आता है। हर औरत की डिलीवरी तथा प्रेगनेंसी अलग-अलग स्वरूप की होती है। इसी लिहाज से, हर औरत का प्रसूति काल भी अलग स्वरूप का होता है।

पेट में पल रहे बच्चे के वजन तथा आकार के अनुसार योनि प्रसूति के दौरान अपने आकार को फैलाती हैं और योनि के द्वारा इसी तरीके से बच्चे का जन्म होता है। प्रसूति के समय महिला को बहुत दर्दनाक पीड़ा होती है; जिसे महिलाएं महसूस कर पाती हैं। स्वाभाविक है; कि नेचुरल डिलीवरी होने के बाद और बच्चे को योनि के द्वारा जन्म देने के बाद महिलाओं के योनि में ढीलापन आ जाता है।

लेकिन, डिलीवरी होने के कुछ महीनों बाद योनि अपने आपको फिर से लचीला बना लेती है और पुराने आकार में वापस आने की कोशिश करती हैं। योनि को लेकर बहुत सारे लोगों के मन में एक बहुत बड़ी गलतफहमी है; कि योनि का आकार स्थाई रूप से बदलता है।

परंतु, यह बहुत ही गलत बात है। योनि महिलाओं के शरीर का सबसे लचीला हिस्सा होता है; जो एक रबर की तरह होता है। योनि में किसी भी तरह के बदलाव आते हैं; तो वह स्थाई रूप से नहीं होते हैं और वह केवल कुछ वक्त के लिए होते हैं। योनि में लचीलापन होने की वजह से योनि स्थिति के अनुसार खुद को फैलाती हैं और बाद में अपना लचीलापन वापस पाकर सिकुड़ जाती है।

हालांकि, पिछले कुछ सालों से महिलाओं के जीवन में गलत जीवनशैली, अत्याधिक नशीली चीजों का सेवन तथा मानसिक तनाव के कारण कम उम्र में ही योनि का लचीलापन कम हो जाता है और महिलाओं को कम उम्र में ही योनि के ढीलेपन की समस्या हो जाती हैं। यह नॉर्मल परिस्थिति नहीं होती है; इसलिए आपको योनि के लचीलापन को वापस लाने के लिए डॉक्टरों से सलाह लेना आवश्यक होता है।

तो दोस्तों, आज के लिए बस इतना ही। उम्मीद है, आपको आज का यह ब्लॉग अच्छा लगा हो। धन्यवाद।






+36
°
C
+39°
+29°
New Delhi
Wednesday, 10
See 7-Day Forecast

Advertisement









Tranding News

Get In Touch
Avatar

सोनम कौर भाटिया

प्रधान संपादक

+91 73540 77535

contact@vcannews.com

© Vcannews. All Rights Reserved. Developed by NEETWEE