नई दिल्ली | न्यूज़ डेस्क | CICI बैंक ने UPI भुगतान को और भी आसान और सुरक्षित बना दिया है। अब ग्राहकों को 5,000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन के लिए UPI पिन डालने की जरूरत नहीं होगी, अब सिर्फ फिंगरप्रिंट या फेस आईडी से पेमेंट कर सकेंगे। जानिए इस नई सुविधा के फायदे और इसे एक्टिवेट करने का तरीका।डिजिटल बैंकिंग को और ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए ICICI बैंक ने आज यानी 29 अप्रैल को एक बड़ी घोषणा की है। आपको बता दें कि बैंक ने अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप iMobile पर 5,000 रुपये तक के UPI लेनदेन के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सेवा शुरू कर दी है। अब ग्राहकों को छोटे भुगतानों के लिए बार-बार UPI पिन याद रखने या दर्ज करने की आवश्यकता नहीं होगी।
फिंगरप्रिंट और फेस आईडी से होगा भुगतान
बैंक के अनुसार ये नई सुविधा एंड्रॉइड और iOS दोनों यूजर्स के लिए उपलब्ध है। जहां एंड्रॉइड यूजर्स अपने फिंगरप्रिंट का उपयोग कर सकेंगे, वहीं आईफोन यूजर्स फेस रिकग्निशन के जरिए ट्रांजैक्शन को ऑथेंटिकेट कर पाएंगे। यह सुविधा 5,000 रुपये तक के पीयर-टू-पीयर ट्रांसफर, क्यूआर कोड स्कैन और ऑनलाइन मर्चेंट पेमेंट्स पर लागू होगी। हालांकि 5,000 रुपये से ज्यादा की राशि के लिए सुरक्षा को देखते हुए मौजूदा UPI पिन दर्ज करना अनिवार्य होगा।
सुरक्षा और स्पीड का डबल डोज
ICICI बैंक का कहना है कि बायोमेट्रिक सुविधा से पेमेंट ना सिर्फ तेज होगा, बल्कि ज्यादा सुरक्षित भी होगा। सार्वजनिक स्थानों पर पिन दर्ज करते समय अक्सर शोल्डर सर्फिंग का खतरा रहता है, जो बायोमेट्रिक से पूरी तरह खत्म हो जाएगा। बता दें कि NPCI ने अक्टूबर 2025 में इस तकनीक को हरी झंडी दी थी, जिसे अब बैंक अपने प्लेटफॉर्म पर लागू कर रहे हैं। ग्राहकों के पास अपनी सुविधा के अनुसार पिन या बायोमेट्रिक में से किसी एक को चुनने का ऑप्शन हमेशा रहेगा।