मुंबई | न्यूज़ डेस्क | ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम ने रविवार को क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में रिकॉर्ड सातवीं महिला एकदिवसीय विश्व कप खिताब जीत लिया है. ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 71 रनों से हरा दिया. नताली साइवर ने एक अकेली लड़ाई लड़ी क्योंकि उसने इंग्लैंड की महिलाओं की सबसे खराब शुरुआत के बाद एक शतक बनाया. इंग्लैंड के शुरुआती विकेट डेनियल वायट और टैमी ब्यूमोंट क्रमशः 4 और 27 रन पर आउट हो गये.
ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 357 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा. लक्ष्य का पीछा करते इंग्लैंड को शुरुआती झटके तो लगे ही, हीथर नाइट भी जल्द ही अलाना किंग के हाथों 26 रन पर आउट हो गयीं. वहीं, एमी जोन्स भी 20 रन पर आउट हुईं. अलाना ने फिर से वापसी करते हुए सोफिया डंकले को 23 रन पर आउट कर दिया. कैथरीन ब्रंट भी 1 रन पर आउट हो गईं और इंग्लैंड एक छोर से लड़खड़ा गया.
ऑस्ट्रेलिया की ओर से सलामी बल्लेबाज एलिसा हेली ने शानदार 170 रन बनाए. उन्होंने एडम गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाजों ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को जरा भी नहीं चलने दिया. सलामी जोड़ी ने टीम के लिए 160 रन जोड़े. दूसरी सलामी बल्लेबाज आर हेनेस ने 68 रनों की पारी खेली. उसके बाद मूनी ने भी 62 रन बनाए.
ऑस्ट्रेलियाई पारी हीली के इर्द गिर्द घूमती रही, जिनका हेन्स और मूनी ने अच्छा साथ दिया. इससे ऑस्ट्रेलिया महिला विश्व कप फाइनल में सर्वाधिक स्कोर का रिकॉर्ड बनाने में सफल रहा. यह पुरुष और महिला विश्व कप फाइनल में दूसरा बड़ा स्कोर है. आस्ट्रेलियाई पुरुष टीम ने विश्व कप 2003 के फाइनल में भारत के खिलाफ दो विकेट पर 359 रन बनाये थे. हीली ने 41 रन के निजी योग पर मिले जीवनदान का फायदा उठाकर 138 गेंदों पर 26 चौकों की मदद से 170 रन बनाये. उन्होंने अपनी सलामी जोड़ीदार राचेल हेन्स (93 गेंदों पर 68) के साथ पहले विकेट के लिए 160 रन और बेथ मूनी (47 गेंदों पर 62) के साथ दूसरे विकेट के लिए 156 रन की साझेदारी की.