मुंबई | न्यूज़ डेस्क | भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2003 का फाइनल मैच साउथ अफ्रीका की सरजमीं पर आज ही के दिन खेला गया था। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल करते हुए करोड़ों भारतवासियों का दिल तोड़ा था। कप्तान सौरव गांगुली, महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, जहीर खान और जवागल श्रीनाथ जैसे खिलाड़ी पानी मांगते नजर आए थे। ऑस्ट्रेलिया टीम के लिए कप्तान रिकी पोंटिंग और डैमियन मार्टिन ने आग उगली थी। हालांकि, सचिन तेंदुलकर को इस मेगा इवेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए गोल्डन बैट मिला था।
23 मार्च 2003 को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वर्ल्ड कप का फाइनल मैच खेला गया था। ये दो टीमें उस टूर्नामेंट की सबसे सफल टीम थीं। ऑस्ट्रेलिया ने जहां अपना एक भी मैच सेमीफाइनल तक नहीं हारा था, जबकि भारत को एकमात्र मैच में हार मिली थी और वो भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ही मिली थी। ऐसे में टीम इंडिया के पास न सिर्फ अपना दूसरा खिताब जीतने का मौका था, बल्कि कंगारू टीम से बदला लेने का मौका था, लेकिन इस मौके को भारतीय टीम भुना नहीं पाई, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने भारत के करोड़ों क्रिकेट फैंस को निराश कर दिया।
उस खिताबी मैच की बात करें तो भारतीय टीम के कप्तान सौरव गांगुली ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया था। कप्तान गांगुली का ये फैसला उस समय गलत साबित हो गया, जह ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बिना विकेट खोए 100 रन बना लिए। बाकी का काम कप्तान रिकी पोंटिंग और डैमियन मार्टिन ने मिलकर पूरा किया। रिकी पोंटिंग ने इस मैच में 121 गेंदों में 4 चौके और 8 छक्कों की मदद से 140 रन बनाए थे, जबकि डैमियन मार्टिन 84 गेंदों में 88 रन बनाकर नाबाद रहे थे। 57 रन एडम गिलक्रिस्ट और 37 रन मैथ्यू हेडेन ने बनाए थे। भारत के
भारत को ऑस्ट्रेलिया की तरफ से 360 रन का विशाल लक्ष्य मिला था, जो उस समय किसी पहाड़ जैसा लक्ष्य था। खासकर खिताबी मैच में इतना बड़ा लक्ष्य हासिल करना आसान नहीं होता, क्योंकि विश्व कप जैसे मैच का दबाव सातवें आसमान पर होता है। यही टीम इंडिया के साथ भी हुआ और टीम 39.2 ओवर में 234 रन बनाकर ढेर हो गई। वीरेंद्र सहवाग और राहुल द्रविड़ ने जरूर लड़ाई लड़ने की कोशिश की, लेकिन ये खिलाड़ी भी लक्ष्य से कोसों दूर नजर आए। सहवाग 81 गेंदों में 82 रन और द्रविड़ 47 रन बनाकर आउट हुए थे। 24-24 रन युवराज और सौरव गांगुली ने बनाए थे। भारत को 125 रन से करारी हार मिली थी।