मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | हर माह के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को अमावस्या पड़ती है। फाल्गुन मास में अमावस्या 2 मार्च को है। हिंदू धर्म में अमावस या अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। अमावस्या के दिन पवित्र नदी में स्नान व दान करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन पितरों के लिए पिंडदान और तर्पण आदि करने से पितृ तृप्त होकर वंशजों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इस साल अमावस्या के दिन दो शुभ योग शिव व सिद्धि बन रहे हैं। जिससे इस तिथि का महत्व और बढ़ रहा है।
फाल्गुन अमावस्या 2022 शुभ मुहूर्त-
हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 1 मार्च को देर रात 1 बजे से शुरू होगी, जो कि 2 मार्च को रात 11 बजकर 04 मिनट तक रहेगी। इसलिए फाल्गुन अमावस्या इस साल 2 मार्च को पड़ रही है।
फाल्गुन अमावस्या पर बन रहे शुभ योग-
आज अमावस्या के दिन सुबह 08 बजकर 21 मिनट तक शिव योग रहेगा। उसके बाद सिद्ध योग प्रारंभ होगा। सिद्ध योग 3 मार्च को सुबह 05 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। शुभ कार्यों के लिए इन दोनों योगों को उत्तम माना जाता है।
फाल्गुन अमावस्या पंचांग-
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:29 बजे से दोपहर 03:16 बजे तक
अमृत काल: शाम 07:47 बजे से रात 09:18 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 12:33 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक।
फाल्गुन अमावस्या महत्व-
मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजन से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। वहीं, अमावस्या तिथि के दिन पितरों की शांति के लिए दान, तर्पण और श्राद्ध आदि किया जाता है।