उत्तरप्रदेश | न्यूज़ डेस्क | प्रयागराज में माघ मेले का आयोजन इस बार भव्यता और आस्था का प्रतीक बन गया है | 44 दिनों तक चलने वाले इस मेले में लाखों श्रद्धालु संगम तट पर स्नान और साधन के लिए जुटे हुए हैं | मौनी अमावस्या पर 4 करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान की संभावना के बीच प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं | माघ मेले का आयोजन 3 जनवरी से शुरू हुआ और अब तक पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति के महास्नान संपन्न हो चुके हैं | रविवार को मौनी अमावस्या के अवसर पर तीसरा महास्नान होगा, जिसे सबसे प्रमुख माना जाता है | प्रशासन ने अनुमान लगाया है कि इस दिन 3 से 4 करोड़ श्रद्धालु संगम तट पर स्नान करेंगे | 
सुरक्षा और व्यवस्थाएं 850 हेक्टेयर में फैले मेले क्षेत्र में 64 घाट बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालु स्नान कर सकते हैं | संगम नोस, त्रिवेणी संगम का मुख्य घाट, सबसे अधिक श्रद्धालु न कर सकते हैं | संगम नोस, त्रिवेणी संगम का मुख्य घाट, सबसे अधिक श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है | प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए हेलीकॉप्टर और ड्रोन से से निगरानी की व्यवस्था की है |
प्रशासन ने सुरक्षा के लिए यूपी पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस और अन्य बलों को तैनात किया है | संगम क्षेत्र को नो नोस, त्रिवेणी संगम का मुख्य घाट, सबसे अधिक श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है | प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए हेलीकॉप्टर और ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की है | प्रशासन ने सुरक्षा के लिए यूपी पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस और अन्य बलों को तैनात किया है | संगम क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित कर दियागया है, और नावों के संचालन पर रोक लगा दी गई है | जल पुलिस और गोताखोरों की टीम घाटों पर तैनात है | श्रद्धालुओं को गाइड करने के लिए वॉलंटियर्स भी मौजूद है | 
आस्था और भक्ति का संगम
माघ मेले में आस्था और भक्ति के अद्भुत रंग देखने को मिल रहे हैं | मां गंगा की आरती में हर वर्ग के लोग भाग ले रहे हैं | दीपदान और और गंगा आरती की भव्यता ने मेले को और आकर्षक बना दिया है | अजब-गजब बाबाओं के अनूठे रूप और साधना भी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं | मौनी बाबा की कठिन तपस्या ने मेले में विशेष आकर्षण पैदा किया है |
युवाओं की बढ़ती भागीदारी
इस बार माघ मेले में युवाओं की भागीदारी बढ़ती नजर आ रही है | युवा बड़ी संख्या में धार्मिक स्थलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं | यह सनातन धर्म की मजबूती और संस्कारों के प्रति उनकी आस्था को दर्शाता है | माघ मेले को इस बार मिनी कुंभ के रूप में देखा जा रहा है | आस्था, अध्यात्म और परंपरा का यह संगम हर वर्ग के लोगों को जोड़ रहा है | प्रशासन ने मेले को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया है | श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे भीड़भाड़ से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें |