मुंबई | न्यूज़ डेस्क | इसमें कोई शक नहीं है कि रिद्धिमान साहा आज भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपरों में से एक हैं, लेकिन क्रिकेट के खेल में एक विकेटकीपर की भूमिका सिर्फ स्टंप्स के पीछे दमदार प्रदर्शन करने की नहीं रह गई। फुटबॉल के खेल में एक गोलकीपर का काम टीम के लिए सिर्फ गोल बचाना होता है, लेकिन क्रिकेट के खेल में ऐसा नहीं है।
इस खेल में एक कीपर का काम रन बचाना, कैच लेना, स्टंप्स करना और डीआरएस जैसे फैसले लेने के अलावा सबसे महत्वपूर्ण काम होता है रन बनाना। एमएस धोनी लंबे समय तक टीम इंडिया के लिए ये काम करते रहे हैं। उन्होंने विकेट के पीछे जितना अच्छा प्रदर्शन किया, उससे कहीं ज्यादा उन्होंने बल्लेबाज के तौर पर नाम कमाया है।
रिद्धिमान साहा के मामले में एक बात अलग प्रतीत होती है। वे अच्छे विकेटकीपर तो हैं, लेकिन अच्छे विकेटकीपर बल्लेबाज नहीं हैं। यही कारण है कि अब उनको भारतीय टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ और मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा से रिटायरमेंट लेने की सलाह मिली है। इसके पीछे के दो प्रमुख कारण हैं, जिनमें एक तो उनकी उम्र है और दूसरा कारण उनकी बल्लेबाजी।
उम्र को एक बार को हम किनारे भी कर दें तो बल्लेबाज के रूप में उन्होंने कुछ खास कमाल नहीं दिखाया है। यही वजह है कि अब उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में करियर खत्म होने की कगार पर है। या यूं कहें कि खत्म हो चुका है, क्योंकि वे घरेलू क्रिकेट भी नहीं खेल रहे।
उम्र की 38वीं साल में कदम रख चुके रिद्धिमान साहा को भी अब इस बात की सूचना मिल चुकी है कि उनको अब आगे इंटरनेशनल क्रिकेट में मौका नहीं मिलेगा। खुद उन्होंने चीफ सलेक्टर चेतन शर्मा के साथ की गई बातचीत के बारे में बताया। उन्होंने स्पोर्ट्सस्टार से बात करते हुए कहा, "चेतन शर्मा ने मुझसे कहा कि वे श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए मुझ पर विचार नहीं करेंगे।
मैंने उनसे पूछा कि क्या यह सिर्फ श्रीलंका सीरीज के लिए है, या इससे आगे भी है? उन्होंने हमारी बातचीत के दौरान एक विराम लिया और फिर कहा, अब से तुम पर विचार नहीं किया जाएगा।" इस बयान से साफ है कि उनका इंटरनेशनल करियर खत्म हो गया है।
इतना ही नहीं, टीम इंडिया के हेड कोच राहुल द्रविड़ ने भी उनको रिटायरमेंट लेने के बारे में सोचने को कहा है। इसका खुलासा भी रिद्धिमान साहा ने किया है। हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत में खेली गई आखिरी सीरीज में उन्होंने पहले मैच में 61 रन की पारी खेली थी, जिसके दम पर भारत ने मैच में वापसी की थी। इसके बाद उनकी बात भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के मुखिया और बंगाल क्रिकेट संघ के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली से हुई थी तो गांगुली ने कहा था कि जब तक वे बीसीसीआई में हैं, उनको ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है।
क्यों नहीं मिलेगा साहा को मौका?
रिद्धिमान साहा को अब भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौका इसलिए भी नहीं मिल पाएगा, क्योंकि भारत के पास इस समय विकेटकीपर बल्लेबाजों की फौज है और इनमें से ज्यादातर विकेटकीपर युवा हैं, जो अगले दस साल भी आराम से खेल सकते हैं। वहीं, साहा की उम्र उनके आड़े आ रही है। ऐसे में साहा को अब मौका मिलने की उम्मीद ना के बराबर है। भारत के पास मौजूदा समय में रिषभ पंत, ईशान किशन, केएल राहुल, संजू सैमसन और केएस भरत जैसे युवा विकेटकीपरों की फौज है।