नई दिल्ली | गुरमीत सिंह | देश में इन दिनों नए तरीके का इन्वेस्टमेंट प्रोसेज चल रहा है। पांच सात सौ रुपए से इसकी शुरुआत होती है और उसक बाद आप लाखों करोड़ों रुपए इन्वेस्ट कर सकते हैं। लेकिन इन्वेस्ट रकम की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है। न तो पुलिस और न ही बैंक…..। हांलाकि उसके बाद भी इस तरह के एप्स के जाल में लगातार लोग फंस रहे हैं । इन एप के माध्यम से ठगी का पहला मामला जयपुर में सामने आया है और ठगी भी ग्यारह लाख पचास हजार रुपए से ज्यादा की है।
दोस्त ने सजेस्ट किया था, कहा था कि चार प्रतिशत रोज ब्याज मिलेगा
दरअसल हरमाड़ा थाना पुलिस ने यह मामला दर्ज किया है। बताया है कि क्षेत्र मे रहने वाले राहुल कमार के साथ ठगी की ये वारदात हुई है। राहुल ने पुलिस को बताया कि उसके किसी दोस्त ने उसे इस एप के बारे में सजेस्ट किया था कि रकम जमा कराने के बाद हर दो दो से चार प्रतिशत तक ब्याज मिलता है। राहुल ने कुछ रकम जमा कराई तो कस्टमर केयर से बातचीत कर उन्होनें रकम जमा कर दी। एक आधा बार ब्याज भी मिला तो राहुल को भरोसा हो गया। उसने कई बार में ग्यारह लाख साठ हजार रुपए की रकम एप के खाते में जमा करा दी, लेकिन फिर ब्याज नहीं मिला।
पीडि़त राहुल को उसका पैसा एप के वाॅलेट में दिखता रहा तो उसे तसल्ली होती रही। ब्याज के बारे में जब कंपनी के काॅल सेंटर बात की तो कहा गया कि जल्द ही भेज दिया जाएगा। लेकिन ब्याज नहीं मिला। इस पर राहुल ने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की और वाॅलेट से उसे बैंक खाते में जमा कराने का प्रयास किया। लेकिन रकम फ्रीज कर दी गई। कस्टमर केयर बात की तो उन्होनें कहा कि रकम वापस देने के प्रोसेस के लिए करीब पचास हजार रुपए और जमा कराने होंगे। राहुल ने रुपए जमा नहीं कराए और सीधे पुलिस को इसकी सूचना दीं। पुलिस ने अब केस दर्ज किया है।
साइबर एक्सपर्ट मनोज चैधरी ने बताया कि कुछ महीनों से अलग तरह का बाजार हो गया है। क्रिप्टो करेंसी, शेयर मार्केट, प्राॅपर्टी, एसआईपी में सीधे ही एप के माध्यम से लोग लाखों करोडों रुपए निवेश कर रहे है। निवेश कितना सुरक्षित है इसकी गारंटी देने को कोई तैयार नहीं है। बैंक भी कई बार गाइड लाइन जारी करते हैं और पुलिस भी समझाती है लेकिन लाखों एप का जाल इस कदर बिछा हुआ है कि स्मार्ट फोन रखने वाला हर दूसरा व्यक्ति इनमें निवेश करने की सोच रहा है या कर रहा है। यह पूरी तरह से असुरक्षित है।