दुर्ग | सोनम कौर | हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग की अर्धकुशल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शुभांगी मराठे द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति को प्रस्तुत शिकायत तथा विश्वविद्यालय द्वारा गठित जांच समिति की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर थाना मोहन नगर में गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं अमानत में खयानत का प्रकरण दर्ज किया गया।
जांच में पाया गया कि पीड़िता विश्वविद्यालय में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी के रूप में कार्यरत है तथा तत्कालीन कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप के निवास पर भोजन बनाने का कार्य भी करती थी। पीड़िता का प्रतिमाह शासकीय नियमानुसार वेतन ₹11,515/- प्राप्त होता था, किन्तु आरोपी द्वारा उसे मात्र ₹2,200/- देकर शेष राशि दबावपूर्वक फोनपे एवं पेटीएम के माध्यम से उदय कुलदीप के खाते में स्थानांतरित करवाई जाती थी। इस प्रकार दिनांक 06.02.2025 से 04.07.2026 के मध्य कुल ₹1,49,384/- का गबन किया गया।
विश्वविद्यालय द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट, बैंक खाते एवं यूपीआई ट्रांजेक्शन के परीक्षण तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पद का दुरुपयोग कर अमानत में खयानत किए जाने की पुष्टि हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर थाना मोहन नगर में अपराध क्रमांक 550/2026, धारा 316(4) भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
प्रकरण में पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी भूपेन्द्र कुमार कुलदीप से पूछताछ की गई। उपलब्ध साक्ष्यों एवं विवेचना के आधार पर अपराध की पुष्टि होने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)
आरोपी ने अपने प्रशासनिक पद एवं प्रभाव का अनुचित लाभ उठाते हुए मातहत दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी पर दबाव बनाया तथा उसके बैंक खाते में जमा होने वाली वेतन राशि का अधिकांश भाग डिजिटल भुगतान माध्यम (PhonePe/Paytm) से अपने परिचित के खाते में अंतरित कराकर अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त किया।