मुंबई | न्यूज़ डेस्क | भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 3 मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मैच केपटाउन के मैदान पर खेला जा रहा है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया के लिए एक बार फिर से वही कहानी दोहराई जो पिछले कुछ वक्त से लगातार दोहराती चली आ रही है।
टीम इंडिया को शुरुआती झटके लगे इसके बाद बल्लेबाजी करने के लिए आए टेस्ट टीम के पूर्व उपक्तान अजिंक्य रहाणे। अजिंक्य रहाणे आए और अजिंक्य रहाणे गए। रहाणे ने 2 दमदार चौकों के साथ अपनी पारी की शुरुआत की लेकिन, यह इस पारी को लंबा ना खींच सके। अजिंक्य रहाणे के अगर 2013 से लेकर 2021 तक उनकी बल्लेबाजी के आंकड़े देखें तो पाएंगे कि 2021 का साल उनके लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा।
केपटाउन टेस्ट मैच में भी अजिंक्य रहाणे महज 9 रन बनाकर कगिसो रबाडा की गेंद पर आउट हो गए। इससे पहले दोनों टेस्ट मैचों में भी अजिंक्य रहाणे ने कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया था। अजिंक्य रहाणे के प्रदर्शन को देखकर कमेंट्री के दौरान दिग्गज सुनील गावस्कर को यह कहते हुए सुना गया था कि अब अगर रहाणे जल्द से जल्द रन नहीं बनाते तो उनके लिए काफी मुश्किल हो सकती है क्योंकि इनफॉर्म श्रेयस अय्यर और हनुमा विहारी बाहर बैठे हैं।
पिछले साल दिसंबर में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक बनाने के बाद से अजिंक्य रहाणे के बल्ले से एक भी शतक नहीं निकला है। अजिंक्य रहाणे ने साल 2021 में टेस्ट मैचों की 23 पारियों में 20.80 की मामूली औसत के साथ महज 479 रन बनाए थे। वहीं 2022 में भी उनकी यही खराब फॉर्म जारी है। आलम ये है कि अजिंक्य रहाणे का टेस्ट करियर औसत भी 40 के नीचे आ गया है।
इस बात की काफी ज्यादा संभावना है कि दक्षिण अफ्रीका दौरा अजिंक्य रहाणे के करियर का आखिरी टेस्ट दौरा साबित हो सकता है। केपटाउन टेस्ट मैच की दूसरी पारी में भी अगर अजिंक्य रहाणे फ्लॉप रहते हैं तब उनके टेस्ट करियर के बच पाने की काफी कम संभावना रहेगी। वैसे भी तीसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में अपना विकेट गंवाकर अजिंक्य रहाणे ने अपने टेस्ट करियर के ताबूत में आखिरी कील ठोक ही ली है।