मुंबई | न्यूज़ डेस्क | टीम इंडिया इस समय साउथ अफ्रीका के दौरे पर है। सेंचुरियन में भारत ने पहला टेस्ट मैच शानदार तरीके से जीता। अब जोहान्सबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में 3 जनवरी से दूसरा टेस्ट मैच खेला जाना है। यहां भारत ने कुल 5 टेस्ट खेले हैं, जिसमें से उसे दो में जीत मिली जबकि तीन मैच ड्रॉ रहे हैं।
1992 से टीम इंडिया ने यहां पहला टेस्ट मैच खेला था। वहीं, भारत ने वांडरर्स के मैदान पर अपना आखिरी टेस्ट मैच 2018 में खेला था। इन 29 साल में साउथ अफ्रीका की टीम कभी भी भारतीय टीम को नहीं मात दे पाई है।
भारतीय टीम आज तक साउथ अफ्रीका में सीरीज नहीं जीत पाई है। ऐसे में दूसरा टेस्ट मैच जीतकर विराट कोहली सीरीज फतह कर सकती है।
भारत ने 24 जनवरी 2018 को अपना आखिरी टेस्ट मैच जोहान्सबर्ग में खेला था। टीम इंडिया ने यह मुकाबला 63 रन से जीता था। मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी की और उसकी पहली पारी 187 रन पर ऑलआउट हुई।
जवाब में साउथ अफ्रीका की पहली पारी 194 रन पर ही ऑलआउट हो गई। पहली पारी के आधार पर अफ्रीकी टीम को 7 रन की बढ़त मिली। वहीं, भारत की दूसरी पारी 247 रन पर ऑलआउट हो गई। अब प्रोटियाज को जीत के लिए 241 रन चाहिए थे, लेकिन साउथ अफ्रीका 177 रन पर ढेर हो गई और विराट कोहली की टीम ने 63 रन से मैच जीता।
टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका को पहली टेस्ट जीत जोहान्सबर्ग के वांडरर्स में ही मिली थी। 2006 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में टीम इंडिया ने इस मैदान पर साउथ अफ्रीका को 123 रनों से हराया था। भारत ने पहली पारी में 249 रन और दूसरी पारी में 236 रन बनाए थे। इसके जवाब में साउथ अफ्रीका की टीम पहली पारी में सिर्फ 84 रनों पर ऑल आउट हो गई थी। इस पारी में श्रीसंत ने घातक गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके थे।
वहीं, दूसरी पारी में साउथ अफ्रीका की पूरी टीम 278 रनों पर ऑल आउट हो गई थी। भारत ने ये मुकाबला 123 रनों से जीता था। 2006 में कप्तान रहे द्रविड़ इस समय भारतीय टीम के कोच हैं।
जोहान्सबर्ग में 26 नवंबर 1992, 16 जनवरी 1997 और 18 दिसंबर 2013 को भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेले गए मुकाबले ड्रॉ रहे थे। तीनों मैच में अफ्रीकी टीम भारतीय टीम को मात नहीं दे पाई। भारतीय टीम के लिए जोहान्सबर्ग बहुत लकी रहा है। ऐसे में विराट की सेना हर हाल में ये टेस्ट जीतकर सीरीज अपने नाम करना चाहेगी।