नई दिल्ली | न्यूज़ डेस्क | भगवान शिव के भक्तों के लिए सावन का महीना बहुत ही प्रिय है। इस महीने में भगवान शिव ने माता पार्वती को इस महीने में ही अपनी अर्धांगिनी के रुप में स्वीकार किया था। माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रुप में पाने के लिए 108 वर्ष तक घोर तपस्या की थी। कहा जाता है कि यह महीना भगवान शिव को अधिक प्रिय है। मान्यता है कि जो व्यक्ति पूरी श्रद्धा और सच्चे मन से भगवान शिव की भक्ति करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। साथ ही सावन के महीने में आने वाले सोमवार का महत्व भी काफी बढ़ जाता है। आइए जानते हैं इस बार सावन का आरंभ कब से हो रहा है और सावन के सोमवार की तारीख।
कब शुरू होगा सावन का महीना
पंडित राकेश झा बताते हैं कि सावन के महीने का आरंभ 30 जुलाई से होने जा रहा है और सावन महीना का समापन 28 अगस्त को होगा। सावन के महीने को चातुर्मास का दूसरा महीना माना जाता है।
कब है 2026 सावन का पहला सोमवार
- सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026
- सावन का दूसरा सोमवार 10 अगस्त 2026
- सावन की तीसरा सोमवार 17 अगस्त 2026
- सावन का चौथा सोमवार 24 अगस्त 2026

सावन सोमवार का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने और उनका पंचामृत से अभिषेक करने से भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा मिलती है। साथ ही अगर किसी की कुंडली में चंद्रमा कमजोर स्थिति में है तो उनका चंद्रमा मजबूत होता है। सावन के महीने में सच्चे मन से भगवान शिव का रुद्राभिषेक और व्रत करने से सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
भगवान शिव के कई भक्त इस पवित्र महीने में कांवड़ भी लेकर आते हैं। देश के अलग अलग हिस्सों में हरिद्वार, गंगोत्री सहित अन्य तीर्थ स्थलों से गंगाजल लेकर श्रद्धालु पैदल यात्रा करके भगवान शिव के मंदिर पहुंचकर अभिषेक करते हैं। हर साल बड़ा मात्रा में लोग कावड़ लेकर आते हैं। ऐसा कहा जाता है कि जिन लोगों को कोई मुराद या इच्छा पूरी हो जाती है वह लोग भी कावड़ लेकर आते हैं।