नागपुर । एड अब्दुल अमानी कुरेशी। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) विभाग में कथित भ्रष्टाचार, जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयास, मीडिया का दुरुपयोग कर विभाग की छवि धूमिल करने की कथित साजिश तथा पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता नूतनताई रेवतकर ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और राज्य के परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि हाल ही में वायरल हुई ऑडियो क्लिप के बाद आरटीओ विभाग की छवि सुधारने के लिए सकारात्मक कदम उठाए जाने की अपेक्षा थी, लेकिन कुछ अधिकारियों और संबंधित तत्वों द्वारा गुटबाजी को बढ़ावा देकर नए विवाद खड़े किए जा रहे हैं। इससे जनता के बीच शासन के प्रति गलत संदेश जा रहा है तथा भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई पर भी सवाल खड़े करने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञापन के अनुसार, नागपुर और चंद्रपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा की गई कार्रवाई से भ्रष्टाचार के विरुद्ध सरकार की सख्त मंशा का संदेश समाज में गया है। ऐसे समय में चल रही जांच को प्रभावित करने अथवा आरोपियों के पक्ष में माहौल बनाने का कोई भी प्रयास जनहित के विरुद्ध है। किसी भी मामले का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाना है, इसलिए जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
ज्ञापन में छत्रपति संभाजीनगर के एक समाचार चैनल पर प्रसारित खबर को लेकर भी गंभीर शंका व्यक्त की गई है। यदि विभाग के भीतर गुटबाजी या व्यक्तिगत स्वार्थ के कारण मीडिया का उपयोग कर अपने ही विभाग की छवि खराब करने का प्रयास किया गया है, तो इसकी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
नूतनताई रेवतकर ने बीड में कार्यरत एक अधिकारी तथा हाल ही में पदोन्नति के बाद इचलकरंजी में नियुक्त एक अधिकारी की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़े कुछ प्रारंभिक साक्ष्य उनके पास उपलब्ध हैं, जिन्हें सोशल मीडिया या मीडिया में सार्वजनिक करने के बजाय सक्षम जांच एजेंसी को सौंपा जाएगा।
ज्ञापन में पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध महाराष्ट्र सिविल सेवा (आचरण) नियमों तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही आरटीओ विभाग में पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुधार तत्काल लागू किए जाने की भी मांग की गई है।