रायपुर । मिनल केडेकर । सीमेंट के दाम में 80 रुपए तक की प्रति बोरा वृद्धि को सरकार के संरक्षण में सीमेंट कंपनियों की मनमानी करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद से पिछले दो साल के भीतर ही सात बार सीमेंट के दाम बढ़ाए गए, इस लूट को सरकार का मौन समर्थन है। कंस्ट्रक्शन कार्यों में उपयोग होने वाला ओपीसी और पीपीसी सीमेंट में अतिरिक्त मुनाफाखोरी के चलते ही मूल्य वृद्धि 80 रुपए पार कर चुकी है।
भाजपा सरकार आने के बाद से छत्तीसगढ़ में सीमेंट के दाम सितंबर 2024 में 50 रुपया वृद्धि, नवंबर 2024 में 5 से 15 रुपया, दिसंबर 2024 में 20 से 40 रुपया, जनवरी 2025 में 35 से 55 रुपया, जनवरी 2025 में 10 से 15 रुपया, अगस्त में 2025 में 20 की वृद्धि पहले ही किया जा चुका है अब 60 से 80 रूपये प्रति बोरा की बेतहाशा वृद्धि आम जनता पर अत्याचार है। हालत यह है कि सीमेंट उत्पादन में अग्रणी राज्य छत्तीसगढ़ में सीमेंट के दाम पड़ोसी राज्यों से अधिक है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि सरकार की गलत नीतियों के चलते आम जनता की गाढ़ी कमाई से बनाए जा रहे सरकारी प्रोजेक्ट की लागत बढ़ रही है, आम जनता का घर बनाने का सपना टूट रहा है, रियल एस्टेट व्यवसाय में विपरीत असर पड़ रहा है। पहले से ही महंगी बिजली स्टील रेती गिट्टी और मजदूरी से हलकान मध्यम वर्गीय जनता बेवजह सीमेंट के दाम में 80 रूपये तक की वृद्धि से बेहद आक्रोशित है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा है कि सरकार की कॉर्पोरेट परस्त नीतियों की वजह से ही सीमेंट कंपनियां बेलगाम हो गई है। जमीन हमारी, कच्चा माल, लाइम स्टोन हमारा, पानी और बिजली हमारे, इसके बावजूद भी छत्तीसगढ़ की जनता को ही महंगे दाम पर सीमेंट खरीदना पड़े इसकी वजह भाजपा की मुनाफाखोरी में हिस्सेदारी और चंदाखोरी की भूख है भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद से बड़े पूंजीपति और उद्योगपतियों को गरीबों को लूटने की खुली छूट दे दी गई है बार-बार सीमेंट के दाम बढ़ाया जाना और उसे पर सरकार की मौन सहमति इस बात का प्रमाण है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सीमेंट के बड़े हुए दामों को तत्काल वापस लिया जाए।