नागपुर । अब्दुल अमानी कुरेशी । गुड़ी पाड़वा हमेशा से महाराष्ट्र में नई शुरुआत का प्रतीक रहा है । लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसने रियल एस्टेट सेक्टर में भी एक अधिक स्पष्ट भूमिका निभानी शुरू कर दी है । पीयूष ने कहा कि केवल एक सांस्कृतिक मील का पत्थर ही नहीं, बल्कि कैलेंडर वर्ष में घर खरीदने और प्रोजेक्ट लॉन्च के लिए पहला महत्वपूर्ण ट्रिगर बनकर उभर रहा है । 
पीयूष राम्भिया ने कहा कि यह बदलाव एकदम से नहीं हुआ है । यह कई उत्सवी चक्रों के दौरान देखे गए लगातार व्यवहारिक पैटर्न का परिणाम है । खरीदार गुड़ी पाड़वा को शुभ खरीदारी जोड़ते हैं, खासकर घर जैसे बड़े निवेश के फैसलों के साथ। वहीं, डेवलपर्स ने भी इस भावना को समझते हुए अपनी सप्लाई, मार्केटिंग और आउटरीच रणनीतियों को इसके अनुरूप ढाल लिया है, जो कभी एक प्रतीकात्मक अवसर था, वह अब एक सुव्यवस्थित व्यावसायिक अवसर बन चुका है । व्यावहारिक रूप से यह अवधि बाजार के लिए एक रीसेट की तरह काम करती है । साल के अंत की क्लोजिंग, वित्तीय योजना चक्र और साल की अपेक्षाकृत धीमी शुरुआत के बाद, गुड़ी व पाड़वा एहसास कराता है । यह उन खरीदारों को फिर से सक्रिय करता है जो विकल्पों का मूल्यांकन कर रहे थे।