नागपुर। एड अब्दुल अमानी कुरेशी । महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 11 नए 'अपर जिलाधिकारी' कार्यालय स्थापित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है । राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मंगलवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में यह घोषणा की राज्य की बढ़ती जनसंख्या, दुर्गम क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक कार्यभार को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। 
इन 11 जिलों को मिलेंगे नए कार्यालय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित इन143 नए पदों का होगा । सृजन उच्चस्तरीय सचिव समिति की सिफारिश के अनुसार इन कार्यालयों के लिए कुल 143 पदों का सृजन किया जाएगा। प्रत्येक अपर जिलाधिकारी कार्यालय में 13 अधिकारी व कर्मचारी तैनात होंगे, मंत्रिमंडल ने 10 फरवरी 2026 की बैठक में एस-25' वरिष्ठ वेतनमान पदों को अंतिम मंजूरी दे दी है । चर्चा के दौरान नाना पटोले ने साकोली और हिंगणघाट में भी ऐसे कार्यालय खोलने की मांग रखी । इस पर मंत्री बावनकुले ने आश्वस्त किया कि 2027 की जनगणना के बाद जिलो के पुनर्गठन पर विचार होगा और इन दोनों स्थानों के संबंध में शीघ्र विशेष बैठक कर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा ।
कार्यालयों की स्थापना ठाणे, रत्नागिरी, पुणे (बारामती), सातारा, सोलापुर, जलगांव, नदिड़, अमरावती, यवतमाल, बुलढाणा और नागपुर में की जाएगी । इसके अतिरिक्त, जमाबंदी आयुक्त कार्यालय का बोझ कम करने के लिए वहां भी दो अतिरिक्त अपर जिलाधिकारी पद दिए जाएंगे । इससे नागरिकों को जिला स्तरीय कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और वरिष्ठ राजस्व सेवाएं उनके निकट उपलब्ध होंगी ।
शहरी क्षेत्रों में तहसील कार्यालय का प्रस्ताव
मंत्री बावन कुले ने यह भी संकेत दिया कि शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में स्वतंत्र तहसील कार्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है । राजस्व विभाग से गहन चर्चा के बाद शीघ्र नीतिगत निर्णय लिया जाएगा । राज्य में 69 नए अपर तहसीलदार कार्यालय और 10 नए प्रांत कार्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव भी अंतिम चरण में है । इन सभी सुधारों से महाराष्ट्र के राजस्व प्रशासन का चेहरा बदलेगा और आम नागरिकों के कार्य अधिक तेज गति से संपन्न होंगे ।