दुर्ग | सोनम कौर | छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री बदरुद्दीन कुरैशी ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर कहा है कि, डॉ भीमराव अंबेडकर को भारतीय संविधान का शिल्पकार कहा जाता है । उन्होंने कठिन परिस्थितियों में जीवन व्यतीत करते हुए उच्च शिक्षा प्राप्ति की और कानून, अर्थशास्त्र तथा राजनीति में गहन ज्ञान अर्जित किया । वे संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष थे, जिसने भारत के संविधान को तैयार किया ।
भारतीय संविधान जो 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, दुनिया के सबसे विस्तृत और समावेशी संविधान में से एक है। इसमें मौलिक अधिकार कर्तव्य और राज्य के नीति निर्देशक तत्व शामिल है, जो देश के हर नागरिक को समान अवसर और अधिकार प्रदान करते हैं । डॉक्टर अंबेडकर ने संविधान न्याय, सामाजिक न्याय, धर्म निरपेक्षता और लोकतंत्र की मूल्यों को प्रमुखता दी।
उन्होंने महिलाओं, मजदूर और कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किया । उनके प्रयासों के कारण ही आज भारत एक लोकतांत्रिक और समता मूलक राष्ट्र के रूप में स्थापित है। डॉ आंबेडकर का जीवन हमें यहां सिखाता है कि शिक्षा, समानता और संघर्ष के माध्यम से किसी भी समाज को बदला जा सकता है । उनके विचार आज भी प्रासंगिक है और हमें एक बेहतर समाज के निर्माण की प्रेरणा देते हैं ।