नागपुर । प्रा विवेक बांबल। राज्य में ट्रांसपोर्ट व्यवसाय और गाड़ी मालिकों की बढ़ती समस्याओं को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से हस्तक्षेप की मांग की है । समाजसेवक विनोद इंगोले का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिए, तो कई ट्रांसपोर्टर्स को अपना व्यवसाय बंद करना पड़ सकता है । उन्होंने मांग की है कि उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी 2017 से 2023 तक के सभी ऑनलाइन चालान माफ किए जाएं । इसके अलावा, 20 साल से पुरानी गाड़ियों पर ली जा रही 28,000 रुपये की भारी-भरकम पासिंग फीस को रद्द कर पुराने रेट बहाल किए जाएं। 
आरटीओ अधिकारियों द्वारा स्पीड गवर्नर के नाम पर किए जा रहे मानसिक उत्पीडन से ट्रांसपोर्टर खासे नाराज हैं ।2017 से 2023 तक के सभी पेंडिंग ऑनलाइन चालानों की पूर्ण माफी, पुरानी गाड़ियों के लिए लागू 28,000 रुपये की फीस को तत्काल हटाना. भ्रष्टाचार पर लगाम आरटीओ बॉर्डर नाके बंद हों और अधिकारियों के लिए 'बॉडी कैमरे' अनिवार्य हों । टोल राहत: 60 किमी की सीमा के भीतर आने वाले सभी टोल प्लाजा हटाए जाएं । समाजसेवक विनोद इंगोले ने राज्य में 60 किमी के भीतर आने वाले सभी टोल बूथों को बंद करने और आरटीओ चेक पोस्टों पर व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का आग्रह किया है । उन्होंने तहसील स्तर पर 'ट्रांसपोर्ट नगर' विकसित करने और कमर्शियल वाहनों के लिए अल्पकालिक बीमा की सुविधा देने का भी सुझाव दिया है।