हिंगणघाट । न्यूज डेस्क । शहर के साहित्यिक परिवेश में हाल ही में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम ने नई और पुरानी पीढ़ी के रचनाकारों को एक मंच पर ला खड़ा किया। अवसर था प्रख्यात साहित्यकार और कवि आरिफ काज़ी"जोश" को श्रद्धांजलि अर्पित करने का। कार्यक्रम में साहित्यप्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
इस अवसर पर फिल्म जगत के हास्य कलाकार सुनील पाल ने दिवंगत कवि आरीफ काजी जोश को याद करते हुए कहा कि,आरीफ काजी जोश की सांस्कृतिक संस्था "दर्पण" में मुझे कला प्रस्तुत करने का अवसर मिला और उनके प्रोत्साहन से मैं हिंगणघाट से मुंबई पहुंचा हास्य अभिनेता सुनिल पाल ने उनके कई संस्मरण भी सुनाएं।
वर्धा से पधारे मुख्य अतिथि प्रसिद्ध समाजसेवी इमरान राही ने कहा कि आरीफ काजी जोश की कविताओं में सामाजिक चेतना, मानवीय संवेदना और समकालीन यथार्थ का सशक्त प्रतिबिंब देखने को मिलता है। 
उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को जागरूक करने और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य किया। उनकी सादगी, विनम्रता और साहित्य के प्रति समर्पण को लंबे समय तक याद किया जाता रहेगा।
वरिष्ठ कवि तथा साहित्य रत्न मंच के अध्यक्ष डॉ.शांतीलाल कोचर"गोल्डी" ने कहा कि आरीफ काजी जौश का साहित्य नई पीढ़ी के रचनाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत सिद्ध होगा।साहित्य जगत में एक नई ऊर्जा के प्रतीक बनकर उभरे थे ।
दर्पण संस्था के सचिव अजय मंडावी ने प्रा. आरीफ काज़ी "जोश "के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को जागरूक करने और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य किया। वहीं दर्पण संस्था के माध्यम से सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित कर पुरे विदर्भ में नाम कमाया।
श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता डॉ. शांतिलाल कोचर ने की, जबकि मुख्य अतिथि प्रसिद्ध साहित्यकार इमरान राही , एड.उल्लास वाघ, राजेश अ.कोचर मंच पर उपस्थित थे
एड. अमानी कुरेशी, प्रो. मजिद बेग मुगल "शहजाद" ,एड. इब्राहिम बख्श आजाद, कवि मुरली लाहोटी, डॉ. रविपाल भालशंकर, अब्दुल कादिर बख्श, कविता बैस, मोहम्मद मकसूद बावा पत्रकार, अब्दुल कादिर शेख गिरड, पत्रकार, सज्जाद हुसैन बोहरा, चंगेज खान, गोपाल व्यास सागर सोनल तिवारी, आम्रपाली पारवे , नरेन्द्र गंधारे , डा.रविभालशंकर , ने कविता के माध्यम से रचनाएं प्रस्तुत की। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
प्रस्तावित भाषण पत्रकार अब्दुल कदीर बख्श ने किया मंच संचालन एड.इब्राहीम बख्श आजाद व आभार प्रा. म.स मुगल ने व्यक्त किया।