नागपुर । एड अब्दुल अमानी कुरैशी। प्रसिद्ध शायर निदा फ़ाज़ली के अश्आरो में जिंदगी के असली मकसद,
दर्द के एहसास की तपिश मुसलसल चोट से गढ़ी गई गज़लों की गूँज और हौंसले बढ़ाने वाले शेर सीधे दिल पर असर करते हैं।
निदा फ़ाज़ली के शेर हिम्मत और हौसला भी देते हैं।
उनका एक शेर इस बात की तस्दीक करता है।
*कोशिश भी कर उम्मीद भी रख रास्ता भी चुन।*
*फिर इस के बाद थोडा मुकद्दर तलाश कर।*
हाजी मोहम्मद रफीक पत्रकार की ओर से आयोजित कार्यक्रम में नये पुराने दोस्त अहबाब शहर और बाहेर से आकर उनकी यौमे सालगिरह पर मुबारकबादीयां पेश करने लगे। मानो
पुराने साल की रुखसती और नये साल के स्वागत का मिला-जुला नजारा देखने को मिला।
डाक्टर मोहम्मद गाजी, तथा मोहम्मद मुजाहिद ने सभी का अभिनंदन स्वीकार किया ,
और उसके बाद गले लगकर बधाईयां भी दी। अल अजीज एज्युकेशन एण्ड सोशल वेलफेयर मल्टीपरपज सोसायटी के संस्थापक सचिव अब्दुलअमानी कुरैशी तथा कार्यकारी अध्यक्ष अमजद खान ने शाल, टा्फी गुलदस्ता भेंट देकर बधाई दी है।