नागपुर। अब्दुल अमानी कुरैशी। पत्रकारिता समाज का आईना है। यह मनुष्य की आस्थाओं विचारों, मूल्यों को सही रूप में जनता के सामने रखती हैं। ऐसे में पत्रकारिता का लक्ष्य क्या होना चाहिए? इसका उत्तर होगा साहित्यिक ,कलात्मक रुझान को बढ़ाना, नैतिक तथा सामाजिक मूल्यों की प्रतिष्ठा करना, भौतिकवादी दुनिया में सही मार्ग दिखाना, सुखी जीवन के द्वार खोलना , उपरोक्त बातें नागपुर के युवा समाजसेवी,गायक और पत्रकार मोहसिन जफर खान ने कही है।

मोहसिन जफर खान ने वास्तविक और रचनात्मक लेखन से शासन, प्रशासन की कमियों को उजागर किया,तथा समाज को हकीकत से आगाह कराया ,समाज में व्याप्त बुराईयों से और उसके निराकरण पर जमकर कलम चलायी, उत्कृष्ट पत्रकारिता हेतु
दिल्ली स्थित *प्रेस एसोसिएशन आफ इंडिया की ओर से दिल्ली में आज 18 अक्टूबर को आयोजित *जे.ए.ई ग्लोबल अवार्ड ऑफ इंडिया* के समारोह में मोहसिन जफर खान को सम्मानित किया गया ।
दिल्ली प्रेस एसोसिएशन ने बहुगुणी व्यक्तित्व विशेष लोगों की सुची में शामिल कर मोहसिन जफर खान को दिल्ली आमंत्रित करके उनका सत्कार किया गया।

मोहसिन जफर खान ने सामाजिक दायित्वो का निर्वहन करते हूए विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की है।
उनके दौरा कई गजलों को जनता ने खूब पसंद किया ।
पिछले पखवाड़े वे सऊदी अरब में उमरा के लिए गए थे, मक्का में नागपुर का एक ताज टूर्स नामी ग्रुप भी उमरा के लिए आया था।
जिस्मेबेक बुजुर्ग महिला अकेले इस टूर से आई थी जो की समाज सेवक जावेद काजी नामक व्यक्ति की वो माताजी थी उनकी अचानक तबीयत खराब होने पर मोहसिन जफर खान ने उनसे लगातार फोन राब्ता कायम रखा और डाक्टरों के सलाह पर फौरन मैकका के सरकारी अस्पताल में भर्ती करने हेतू मुंबई संपर्क किया और फिर दिल्ली में स्थित भारतीय दूतावास में लगातार कोशिश कर के हॉस्पिटल में आपरेशन करवाया तथा दवाईयां उपलब्ध कराई, और बुजुर्ग महिला जिनका नाम मलका बेगम काज़ी सरफुद्दीन है उनको अपने देश हिंदुस्तान रवाना करवाया और वह आज अपने परिवार के साथ सुरक्षित है तथा नागपुर के निजी अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे है ।
इस प्रकार असामयिक घटनाओं में उनकी कही न कही भुमिका रही, जिससे वे अपने आपको धन्य समझते हैं।
वर्तमान समय की पत्रकारिता के संदर्भ में मोहसिन जफर खान से पुछा गया तो उनका मंतव्य था कि,पत्रकारिता जन सेवा का सशक्त माध्यम है। वर्तमान में आधुनिक तकनीकी विधाओं की प्रतिक्रिया स्वरूप संचार माध्यमों ने पत्रकारिता को एक नई दिशा दी है जिसके चलते वह चुनौतीपूर्ण अभियान कम, उद्यम ज्यादा बन गई है। वस्तुतः पत्रकारिता का प्रथम व प्रमुख कर्तव्य अन्याय का पर्दाफाश करना, विसंगतियों मे सुधार करना, परामर्श देना, समाज का मार्गदर्शन करना तथा व्यक्ति परिवार समाज व राष्ट्र का बहुआयामी उत्थान करना होता है।
इसी को इंगित करते हुए मोहसिन जफर खान के पिता हिंदुस्तान के जाने माने कवि शायर जफर कलीम साहब ने खुब कहा,,
अब कहां कद्रे गोहर अहले जहां
जोहरी भी कम नजर से हो गये।
गौहरो -मे जाहेरां रौनक नहीं।
लोग शिशो की चमक में खो गये।