भिलाई । गुरमीत सिंह मेहरा । पिछले कुछ दिनों से मौसम में हुए बदलाव करवा चौथ के दिन भी दिखाई दिए । करवा चौथ के दिन भी दुर्ग और भिलाई में बारिश होती दिखाई दी । साथ ही आसमान पर बादल अपना डेरा जमाए बैठे हैं । शाम होते ही सुहागनो की चांद के दर्शन लिए आंखे आसमान पर टिकी रही। चांद भी मानो अठखेली के मूड में बदली में छुपा चंदा था। क्योंकि रोज जल्दी निकलने वाला चांद गुरुवार को विलंब से निकला। लम्बे समय के बाद ठीक शाम साढ़े ८ बजे चांद निकला। चांद के दीदार से ही महिलाओं ने अटल सुहाग की कामना करके पति की लंबी आयु की मन्नत मांगी।
गुरुवार को शहर में हर ओर करवाचौथ के व्रत का नजारा हर छत पर आम था। शहर में कई जगहों पर सुहागिन महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा की।करवा चौथ : चांद का दीदार होते ही व्रत हुआ पूरा, व्रती महिलाएं पति की लंबी आयु की मांगी मन्नतें । भिलाई के नंदिनी रोड स्थित दलबीर भवन में हमेशा की तरह अधिक संख्या मेें महिलाएं जुटकर पूजा कर आरती की थाल बदलती हैं।
महिलाओं ने शाम को पूरे विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। कुछ स्थानों पर सुहागिन महिलाओं के द्वारा चावल पीसकर दीवार पर करवा चौथ और पति के स्वरूप के साथ सुहाग की वस्तुएं चूड़ी, बिन्दी, बिछुआ, मेंहदी और महावर के साथ विभिन्न प्रतीक चिन्ह बनाए। चांद का दीदार होते ही व्रत हुआ पूरा, व्रती महिलाओं ने पति की लंबी आयु की मांगी मन्नतें ।