कोहली ने दो साल नेट्स में बोलिंग करवाई पर नहीं पहचानी इस खिलाड़ी की प्रतिभा
मुंबई | ऋषि भट्ट | "पढ़ोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब , खेले कूदोगे तो बनोगे ख़राब" क्या अब इस कहावत तो कहावतों की लाइब्रेरी से नहीं हटा देना चाहिए | गुजरात के एक टेम्पो ड्राइवर के बेटे ने गरीबी के साये के बीच अपनी खेल प्रतिभा से हासिल की सफलता, अपना और परिवार का नाम रोशन किया |
बहुत कम लोग यह जानते है की कल के आईपीएल मैच में राजस्थान के स्टार बॉलर रहे चेतन साकरिया काफी साधारण परिवार से आते है जो कई आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहा था |
उनके पिता गुजरात में टेम्पो चला कर अपना और अपने परिवार का गुज़ारा करते थे | लेकिन चेतन की प्रतिभा को उन्होंने पहचाना और राजकोट के क्रिकेट कैंप में उनको भर्ती करवाया | एक समय ऐसा भी था जब उनके पास स्पाइक्स (क्रिकेट खेलते समय पहने वाला जूता ) खरीदने तक क पैसे नहीं थे | फिर भी वे मेहनत करते रहे | २ साल तक उन्होंने बैंगलोर की टीम क लिए एक नेट बॉलर की भूमिका निभाई |
परन्तु भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने शायद उनकी प्रतिभा को नहीं पहचाना | चेतन को राजस्थान की टीम ने 1. २० करोड़ में ख़रीदा और इसके बाद उनकी प्रतिभा को पहचान मिली | चेतन का कहना है के इन पैसों से वह अपने परिवार के लिए एक घर बनाएंगे | ऐसे खिलाडी और उनके परिवार को हमारा सलाम |