रीवा | रमेश कुमार ‘रिपु’ | एक तरफ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह कहते हैं कि सभी निवेशको से मित्रवत व्यवहार करें। चिटफंड कंपनियो को प्रदेश में चलने नहीं देंगे। तो फिर ऐसी क्या वजह है, कि सहारा प्रमुख सुब्रत राय के खिलाफ कार्रवाई का आदेश नहीं दिये। प्रदेश में मजदूरों से लेकर मध्यम वर्ग के लोगों को पैसा सहारा प्रमुख दो साल से नहीं लौटा रहे हैं। जबकि निवेशकों ने अपना पैसा सोसायटी में जमा किया है,न कि सेवी में उनका मामला है।
▪️क्या सुब्रत की संपत्ति जब्त करेंगे..
मध्यप्रदेश के गरीबों के शुभ चिंतक होने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिह क्या सहारा प्रमुख को उनके प्रदेश की जनता का पैसा वापस नहीं लौटाने पर उनकी संपत्तियांँ जब्त करने का आदेश देंगे या फिर पंचायती चुनाव,नगरीय निकाय चुनाव और पांच राज्यों में होने वाले चुनाव के लिए बीजेपी के लिए चंदा मांग कर चुप बैठ जायेंगे। यह सवाल इसलिए है कि मुख्यमंत्री अक्सर मंच से कहते हैं, कि चिटफंड कंपनियों को वो अपने प्रदेश में चलने नहीं देंगे। सहारा प्रमुख सुब्रत राय डंके की चोट पर उनके प्रदेश में चिटफंड कंपनी खोल रखे हैं।
सेवी का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। राष्ट्रीय सोसायटी पंजीयक ने उन्हें निवेशकों का पैसा लौटाने का ओदश दे रखा है। पहले सुब्रत राय ने कहा, अप्रैल में पैसा देंगे फिर सितम्बर में कहा और अब कह रहे हैं कुछ दिन का समय दें। लेकिन कब तक,यह नहीं बता रहे हैं। गंभीर रूप से बीमार और शादी ब्याह करने वाले अभिभावकों को पैसा देने का एक सर्कुलर भी अपने संभागी मैनेजर ओं को जारी किया है बावजूद उसके पैसा किसी को नहीं दिया गया।
▪️क्यों है बीजेपी चुप
सूत्रों का कहना है,कि सुब्रत राय बीजेपी प्रदेश के निवेशकों का पैसा नहीं लौटाना चाहते हैं। बदले में वो बीजेपी सरकार के लिए चुनावी फंड देने को तैयार हो गए हैं। इसलिए देश भर की बीजेपी सरकार सुब्रत राय के खिलाफ कोई एक्शन नहीं ले रही है।
सहारा के निवेशकों का कहना है,कि यदि शिवराज सिंह पंचायती राज चुनाव से पहले सुब्रह राय के खिलाफ कार्रवाई नहीं किये तो वो बीजेपी को वोट नहीं करेंगे। मुख्य चुनाव में भी बीजेपी के खिलाफ वोट किया जायेगा। प्रदेश में हर दसवें घर सेें सहारा के निवेशक हैं।