July 03, 2024

Join With Us


राहुल का नया अवतार,कितना असरदार

संघ की शाखा से निकली बीजेपी जिस हिन्दुत्व पर राजनीति करती आई है


नई दिल्ली । रमेश कुमार ‘रिपु । संसद की दीवारों के कानों ने दस साल तक विपक्ष की दमदार विरोध की आवाज सुनने को तरस गयी। केवल गुजरात लाॅबी को ही सियासी इतिहास बनाते देखा। एक सौ चालीस विपक्षी सांसदों को निलंबित होते देखा।उसने विपक्ष की हैसियत देखी ही नहीं। इसलिए कि राजनीतिक सत्ता ने विपक्ष को बेजुबां कर दिया था। विपक्ष एक जुट नहीं था।बंटा हुआ था। इस वजह से दस बरस तक संसद को अपने तरीके से हांका गया। इन दस बरसों तक विपक्ष के सीने में जो सवालों की आग थी,उसे एक जुलाई को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन के पटल पर जब रखा, तो सत्ता पक्ष के चेहरे पर हवाई उड़ने लगी। जिस सदन में 750 किसानों की मौत पर दो मिनट के लिए मौन नहीं रखा गया। कोरोना काल में मरने वाले मजदूरों पर अफसोस नहीं जताया गया। आक्सीजन नहीं मिलने पर कई सांसें टूट गयी,उनके लिए संसद में कभी सत्ता पक्ष की आंखें गीली नहीं हुई। नोटबंदी में आम आदमी को अपने ही पैसों के लिए पुलिस की लाठियां खानी पड़ी,महिला पहलवानों के साथ की गयी बदसलूकी पर संसद कभी चीखी नहीं। अडानी और अंबानी के सत्ता पक्ष के रिश्तों पर जिसने आवाज उठाई,उसके पीछे ईडी लगा दी गयी। नीट परीक्षा कांड पर कार्रवाई हो रही है कहकर सत्ता पक्ष अपने मंत्री से जवाब तक नहीं मांगा। न ही सदन में कुछ बोला। दस बरस बाद सदन को नेता प्रतिपक्ष मिलने पर उसने विपक्ष की हैसियत देखी। और फिर एक-एक करके मोदी सरकार की बखिया जब राहुल गांधी ने उधेड़ना शुरू किया तो सत्ता पक्ष को सांप सूंघ गया।

इतने लाचार कभी नहीं हुए-

प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे,तब भी विपक्ष के किसी सवालों का जवाब देना उचित नहीं समझते थे। प्रधान मंत्री बनने पर जब जरूरी समझे,तभी आखिरी में बोले। लेकिन नेता प्रतिपक्ष के उठाए गए सवाल पर मोदी दो बार बोले। कभी अमितशाह के खड़े होने पर पूरा सदन ठिठक जाता था,उन्हें तीन बार राहुल गांधी के सवाल पर बोलना पड़ा। यहां तक कि उन्हें स्पीकर ओम बिरला से कहना पड़ा,अध्यक्ष महोदय हमें संरक्षण दीजिये। ऐसे में,कैसे हम संसद चला पाएंगे। एक साल से मणिपुर जल रहा है,लेकिन सदन में न मोदी बोले और न ही अमितशाह। ऐसा लगता है कि मणिपुर देश का हिस्सा नहीं है।

राजनीति नए रंग में-

संघ की शाखा से निकली बीजेपी जिस हिन्दुत्व पर राजनीति करती आई है,उसकी नेता प्रतिपक्ष ने बखिया उधेड़ी तो मोदी को बोलना पड़ा। राहुल ने कहा,हिन्दू धर्म में हिंसा कहीं नहीं है। हिन्दू धर्म सिखाता है,डरना मना है। यह अहिंसा का देश है। भगवान शिव कहते हैं,डरो मत,डराओ मत। वे अहिंसा की बात करते हैं। बीजेपी के जो लोग अपने आप को हिन्दू कहते हैं,वे चैबीसों घंटे हिंसा करते हैं। हिन्दू हिंसा नहीं फैला सकता। वो नफरत नहीं करता। जाहिर है,कि आप हिन्दू हैं ही नहीं। राहुल के बयान पर प्रधान मंत्री मोदी ने हिन्दू कार्ड खेलकर संसद की दिशा बदलने की कोशिश की। उन्होंने कहा,पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना गंभीर विषय है। राहुल ने कहा,नरेंद्र मोदी जी पूरा हिंदू समाज नहीं है। आरएसएस पूरा हिंदू समाज नहीं है। बीजेपी पूरा हिंदू समाज नहीं है। संसद में राहुल के भाषण देश की राजनीति को नए सिरे से परिभाषित कर सकती है। राहुल गांधी ने मोदी के बही खाते का चिट्ठा खोल कर बीजेपी के उन सांसदों को खुश कर दिये,जो मोदी,अमितशाह के सामने बोलने से डरते हैं। और जिन्हें मंत्री नहीं बनाया गया वो भी। राहुल ने कहा बीजेपी के भीतर कितना डर है,इसी से समझ सकते हैं,कि नरेन्द्र मोदी के सामने गडकरी,राजनाथ मेरे से नमस्कार तक नहीं करते।

हिन्दू बनाम हिन्दुत्व-

हिन्दू शब्द आते ही बीजेपी नींद से जाग जाती है। क्यों कि बीजेपी खुद को हिन्दू पार्टी मानती है। इसलिए बीजेपी के नेताओं ने राहुल के बयान पर प्रेस वार्ता कर दुष्प्रचार किया। कहा,राहुल गांधी ने हिन्दुओं को अपमान किया है। ऐसा इसलिए किया, ताकि बीजेपी का वोट बैंक खिसके नहीं। जबकि ऐसा करके बीजेपी अपना वोट बैंक का नुकसान कर रही है। वैसे हिन्दुत्व को लेकर विरोधाभासी विचार हैं। के.एन.गोविंदाचार्य कहते हैं हिन्दू का एक भाव सार्वभौमिकता का संदेश देता है। दूसरा भाव है,कि यह एक उन्माद का नाम है,जो मुसलमानों को निशाना बनाता है। ऐसे विरोधाभासी विचार,अकारण नहीं है। राजनीति में धुएं के लिए आग का होना जरूरी है। मोदी आरएसएस के प्रचारक रहे हैं। आरएसएस और बीजेपी में हिन्दुत्व समाया हुआ है। इसीलिए मोदी चुनाव में भी मुसलमानों के खिलाफ खूब बोलते आए हैं। आरआरएस के प्रचारक यशवंत राव केलकर कहा करते थे, हिन्दुत्व को लेकर अटल बिहारी बाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, के. सुदर्शन और विनय कटियार की समझ अलग है।हिन्दुत्व से हर किसी का अपना अपना अभिप्राय है। हिन्दुत्व को लेकर हर व्यक्ति में अलग- अलग दृष्टिकोंण झलकता है। यह भविष्य में परेशानियां खड़ी करेगा।’’

तेल की धार दिखी-

राहुल गांधी ने संसद में कुछ गलत नहीं कहा,कि सरकार के खिलाफ जो खड़ा हो जाए या फिर उसकी नीतियों पर सवाल उठा दे,उसकी खैर नहीं। मेरे खिलाफ 21 मुकदमें दर्ज हुए।ई.डी.ने पांच घंटे तक पूछताछ की। मेरी संसद सदस्यता छीन ली गयी। मुझसे मेरा सरकारी आवास छीन लिया गया। देश में दो सी.एम. को जेल में डाल दिया गया। एक को अब छोड़ा गया है। विपक्ष को डराया गया। देश में नौकरी खत्म कर,डर का पैकेज दिया। प्रोफेशनल स्कीम नीट को कमर्शियल स्कीम बनाया। जुलाई 2004 में बेरोजगारी 9 फीसदी,कृषि दर में लगातार कटौती आज 1.80 फीसदी रह गयी है। राहुल गांधी ने अपने 90 मिनट के भाषण पर सरकार की उस नब्ज को पकड़ा,जिससे सरकार के माथे पर पसीना आ गया। यह कहना गलत नहीं होगा,कि राहुल गांधी ने संसद में बीजेपी और मोदी के उस आवरण को उतार दिया,जिसे वो पहनकर राजनीति करते हैं।  

सत्ता पक्ष उठते बैठते रहे-

देश में उद्योगपतियों का 16लाख करोड़ रुपए माफ हो सकता है,तो किसानों का भी थोड़ा कर्ज माफ किया जा सकता है। किसानों ने एमएसपी मांगी,लेकिन सरकार देने से मना कर दी। सरकार का रवैया चौकाता है।कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को सफाई देनी पड़ी,कि नेता प्रतिपक्ष गलत बयानी कर रहे हैं। एमएसपी पर खरीद जारी है। अग्निवीर पी.एम को ब्रेन चाइल्ड है। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ ने आपत्ति दर्ज कर सरकार की खामियों में पर्दा डालने का प्रयास किया। संसद में गलतबयानी की जा रही है। राहुल ने कहा,हमारी सरकार आएगी तो हम हटा देंगे।

मोदी के विकसित भारत का सच-

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर मोदी सदन में मोदी बता रहे थे, भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में चल पड़ा है। और 2047 को देश विकसित राष्ट्र बन जाएगा। देश की अर्थव्यवस्था दौड़ पड़ेगी। जबकि देश पर 272 लाख करोड़ का कर्ज है। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा, आजकल बच्चे का मन बहलाने का काम चल रहा है। हिन्दू समाज को सोचना होगा,ये अपमान संयोग है या प्रयोग। कांग्रेस 2024 से परजीवी पार्टी कहलाएगी।

कांग्रेस जिसके साथ रहती है,उसे खा जाती है। जबकि बीजेपी ने जिन राज्य में जिस पार्टी से गठबंधन किया,उसे निगल गयी। वहीं दूसरी ओर मोदी के विकसित भारत की हाथरस के पुलराई गांव में कलई खुल गयी। सत्संग के बाद भगदड़ मचने से सौ से अधिक लोगों की मौत हो गयी। संसद में मोदी बता रहे थे,कि डबल इंजन की सरकार से प्रदेश विकसित हो रहे हैं। एक तरफ विकसित भारत का सपना संसद में मोदी दिखा रहे थे। दूसरी ओर हाथरस के सिंकदराऊ सीएचसी के बाहर चारों तरफ लाशें बिखरी हुई थी। दो घंटे बाद भी अस्पताल में सीएमओ तक भी नहीं पहुंचे। अस्पताल तक ले जाने के लिए एक एबुंलेस तक नहीं थी। अस्तपाल में सिर्फ एक डाॅक्टर था। प्रशासन का एक आदमी तक नहीं पहुंचा। हाथरस मे जो घायल थे,उन्हें इलाज नहीं मिलने से मर गए। सवाल यह है कि मोदी तीसरे कार्यकाल में भी किस विकसित भारत का सपना दिखा रहे हैं। सवाल यह है कि डिजिटल इंडिया के दौर में मोदी ने अपना भाषण क्यों नहीं रोका? बहुत देर बाद उन्होंने संवदेना व्यक्त की।

मनमानी नहीं चलेगी-

मौजूदा सियासी इतिहास अब नए तरीके से लिखा जाएगा कि संसद में विपक्ष की आवाज गूंजी। दस साल तक लगा ही नहीं,कि देश में लोकतंत्र है। तभी तो लाल कृष्ण आडवाणा कहते थे,देश में अघोषित आपातकाल है। राहुल गांधी ने संसद में जिन मुद्दों की चर्चा की, उस पर दस साल तक मोदी सरकार ने बात नहीं की। किसान कानून अडाणी और अंबानी के लिए लाया गया। किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए बनाया गया बिल रद्द कर दिया। सात सौ किसान शहीद हुए,हमने कहा किसानों के लिए दो मिनट का मौन संसद में रखा जाए। आपने कहा वो किसान नहीं आतंकवादी हैं। मणिपुर को सरकार की योजना ने हिंसा में जला दिया। पहली बार भारत के इतिहास में जनता से स्टेट छीने गए।जम्मू-कश्मीर-लद्दाख से स्टेट छीना। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को बीस मुद्दों पर घेर कर बता दिया कि अबकी बार मनमानी नही चलेगी।

यह अलग बात है कि राहुल गांधी ने सरकार को संसद में घेरा,लेकिन उसमें से कई अंश हटा दिये गए हैं। हटाए गए हिस्सों में हिंदुओं और पीएम नरेंद्र मोदी, बीजेपी, आरएसएस समेत अन्य पर कमेंट शामिल हैं।

देश में नए तरीके की इमरजेंसी -

संविधान के अनुच्छेद 105(1) के तहत संदन के हर सांसद को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मिली है। हटाए गए अंश नियम 380 के दायरे में नहीं आते। राहुल गांधी को संसद में जो कहना था,कह दिया। वही सच है।अंश हटा देने से सच नहीं मिट जाएगा।

बहरहाल राहुल गांधी नए अवतार मे दिखे। मोदी सरकार की संसद में बखिया उधेड़ी । उनके सवालों पर सत्ता पक्ष को संसद में सफाई देनी पड़ी। सवाल यह है,कि हरियाणा,महाराष्ट्र और झारखंड का वोटर अबकी चुनाव में क्या इंडिया के पक्ष में नयी सियासी पटकथा लिखने का मन बनायेगा।





+36
°
C
+39°
+29°
New Delhi
Wednesday, 10
See 7-Day Forecast

Advertisement







Tranding News

Get In Touch
Avatar

सोनम कौर भाटिया

प्रधान संपादक

+91 73540 77535

contact@vcannews.com

© Vcannews. All Rights Reserved. Developed by NEETWEE