रायपुर | रमेश कुमार "रिपु"|विधान सभा अध्यक्ष गिरीश गौतम अपने बेटे राहुल गौतम के लिए राजनीतिक जमीन बनाने देवतलाब विधान सभा में साइकिल यात्रा पर निकले हैं। वे लोगों से मिल कर यह टटोल रहे हैं कि उनका बेटा राहुल गौतम चुनाव लड़े तो क्या स्थिति रहेगी और कितनी मेहनत करनी पड़ेगी। यही वजह है कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बी.डी शर्मा ने राहुल गौतम का बचाव करते हुए कथित आडियो को अफ़वाह बताया। जबकि एक दिन पहले राहुल गौतम ने कहा था, कि आवेश में टोल प्लाजा के मैनेजर को धमका दिया था कि पुलिस को बुलाकर तुझे गिरफ्तार करायेंगे।
सत्ता के रसूख का जलवा और उनकी राजनीति के तेवर हमेशा हैरान करते हैं। राहुल गौतम बोलते अच्छा हैं,लेकिन उनकी सियासी फितरत गुस्सैल वाली है। पिता के डीएनए में कामरेड है,लेकिन बीेजेपी में जाने के बाद उनका कामरेड कभी बाहर नहीं दिखा। जबकि बेटे का कामरेड कई बार बाहर छलका है।
पिछली बार गिरीश गौतम देवतालाब विधान सभा से मात्र छह सौ वाटों के अंतर से बीएसपी प्रत्याशी जयवीर सिंह से चुनाव जीते थे। जाहिर सी बात है ,कि उनके लिए चुनाव बहुत टफ हो गया था। जयवीर सिंह अब कांग्रेस में है। यदि कांग्रेस उन्हें टिकट दी और राहुल गौतम प्रत्याशी हुए, तो चुनावी फिजा बदल जाएगी। वैसे विद्यावती के टिकट मिलने के आसार कम हैं। जयबीर सिंह को कांग्रेस टिकट नहीं दी और वे सपा या फिर बसपा से चुनाव लड़े तब ही बीजेपी की राह कुछ हद तक सरल हो सकती है। वैसे भी रीवा जिले में बीजेपी अगले चुनाव में आज के सियासी हालात के अनुसार, चार सीटों के नुकसान पर चल रही है।
▪️अगला पड़ाव,राज्यपाल बनना
गिरीश गौतम अगली बार चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसकी वजह यह है कि प्रदेश सरकार विधान सभा अध्यक्ष को सारी सुविधाएं मिलती रहे,जैसे मुख्यमंत्री को मिलती आई है,वैसा ही कानून लाने जा रही है। विधान सभा अध्यक्ष बनने के बाद गिरीश गौतम राजनीतिक रुप से सन्यास नहीं लेंगे, लेकिन उनकी राजनीति का अगला पड़ाव किसी राज्य का राज्यपाल बनने का है। इसी वजह से गिरीश गौतम चुनाव के दो साल पहले ही निकल पड़े हैं साइकिल यात्रा पर ताकि अपने बेटे के लिए जीत का रास्ता बना सकें।
▪️दिव्यराज युवाओं में लोकप्रिय
रीवा जिले में बीजेपी और उसकी राजनीति के साथ विधायकों की राजनीतिक की दशा और दिशा बदल रही है। वैसे देखा जाए तो बीजेपीे में इस वक्त तेजी से पहचान सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह बना रहे हैं। युवा उन्हें ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। सिरमौर विधान सभा में बीजेपी को हराना कठिन रहेगा। बीजेपी के लिए रीवा विधान सभा आज की तारीख में सबसे कमजोर विधान सभा है। उसकी वजह सभी जानते हैं कि रीवा विधायक को अगली बार टिकट नहीं मिलेगी। मजबूरी में वो लोकसभा चुनाव लड़ने की बात कह रहे हैं। देखना है कि राजनीतिक हवा पलटती है कि नहीं।
▪️वीडी शर्मा से दूरी बनाई..
वी.डी शर्मा और राजेन्द्र शुक्ला के बीच सियासी दूरियां बढ़ गई। छह माह पहले उनसे जुड़ रहे थे, जब यह खबर आई कि वी.डी शर्मा मुख्यमंत्री बन सकते हैं। वैसे वे खुद भी प्रदेश अध्यक्ष बनने की बात अपने आका के समक्ष रखी थी,लेकिन उनके आका ने कहा,बात नहीं बनेगी। आप के खिलाफ पूरे विंध्य के विधायक हैं। शिवराज के मुख्य मंत्री बनते ही फिर अलग हो गए। प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत न करना पड़े इसलिए वे रीवा से बाहर चले गए।