मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | धार्मिक मान्यताओं की मानें तो दान देने से हमें पुण्य मिलता है | लेकिन दान देना हर समय शुभ नहीं होता है | कभी-कभी गलत समय पर दिया गया दान आपके लिए बर्बादी का कारण भी बन सकता है |
भारत में विभिन्न समुदाय के लोग बसते हैं | हर धर्म की अपनी-अपनी विशेषताएं होती हैं | क्या आप जानते हैं कि इन सभी धर्मों में कॉमन बात क्या है | इनमें एक सामान्य बात है दान देना | जरूरतमंदों को दान देने की परंपरा हमारे देश में पुराने समय से चली आ रही है | अगर आप अपने घर की बरकत चाहते हैं तो आपके लिए दान देने का समय जानना चाहिए और साथ में ये भी जानें की इस समय किन चीजों का दान करना चाहिए और किन चीजों का नहीं |
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दान देने का भी होता है समय
धार्मिक मान्यताओं की मानें तो दान देने से हमें पुण्य मिलता है | लेकिन दान देना हर समय शुभ नहीं होता है | कभी-कभी गलत समय पर दिया गया दान आपके लिए बर्बादी का कारण भी बन सकता है | ऐसा ही एक समय है सूर्यास्त , ऐसा कहा जाता है कि डूबते हुए सूर्य के समय कुछ तरह के दान नहीं करने चाहिए |
कुछ चीजों का दान देना हो सकता है हानिकारक
शास्त्रों में कहा गया है कि दान करना बहुत शुभ होता है | हालांकि कुछ ऐसी भी चीजें हैं जिन्हें दान में देना आपके लिए हानिकारक हो सकता है | इन चीजों को दान में देने से आपके घर से धन-सपंत्ति कम हो जाती है | भूलकर भी इन चीजों को शाम को दान में नहीं देना चाहिए |
मुंबई से हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी का कहना है की शाम के समय किसी को भी दूध, दही और प्याज न दें | ऐसी मान्यता है कि इससे घर की बरकत और सुख-समृद्धि खत्म हो जाती है |
चन्द्रमा और सूर्य का संबंध दूध से
दूध का संबंध चन्द्रमा और सूर्य दोनों से है | लक्ष्मी और विष्णु जी के साथ दूध का संबंध प्राचीन समय से माना गया है | दिन-रात के संधि काल में दूध किसी को भी दान या नहीं देना चाहिए | ऐसा कहा जाता है कि दूध शाम के समय देने से बरकत चली जाती है |
दही से शुक्र का संबंध
ज्योतिशास्त्र में कहा गया है कि शुक्र से दही का संबंध है | दही सुख और वैभव देती है | इसलिए कहते हैं कि दही किसी को भी सूर्यास्त के समय नहीं देनी चाहिए | ऐसा करने से सुख और वैभव की भी कमी जीवन में हो जाती है |
शाम को प्याज-लहसुन भी न दें
इसके अलावा शाम के समय किसी को भी प्याज-लहसुन देने से बचना चाहिए | इनका संबंध केतु ग्रह से होता है जोकि ऊपरी ताकतों का स्वामी कहलाता है | कहा जाता है कि इसका संबंध जादू-टोने से भी होता है |
प्राचीनकाल की कुछ परंपराएं है जो भारत देश में निभाई जा रही हैं | इनका कोई आधार तो नहीं है केवल विश्वास और आस्था है | माना जाता है इन परंपराओं को निभाने से घर में सुख- शांति बनी रहती है | किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता |