मथुरा | न्यूज़ डेस्क | मथुरा में फूड डिपार्टमेंट ने खाने-पीने की चीजों में मिलावट के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की है। कोसीकलां इलाके में एक वाहन से करीब 1000 किलो पनीर पकड़ा गया, जिसकी क्वालिटी पर अधिकारियों को शक हुआ। यह पनीर राजस्थान के कामां क्षेत्र से मथुरा में बिक्री के लिए लाया जा रहा था। अधिकारियों ने पनीर के सैंपल लिए और तुरंत ही संदिग्ध पनीर को मौके पर नष्ट करने का फैसला किया। विभाग के मुताबिक, नष्ट किये गए इस पनीर की अनुमानित कीमत लगभग 22 लाख रुपये है।
फूड डिपार्टमेंट का मिलावट विरोधी अभियान
फूड डिपार्टमेंट इन दिनों मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ एक सख्त अभियान चला रहा है। इसी के तहत अधिकारियों ने मथुरा के कोसीकलां क्षेत्र में नंदगांव रोड पर चेकिंग की। वहां पर रोके गए बोलेरो गाड़ी में बड़ी मात्रा में पनीर मिला। पनीर की क्वालिटी पर संदेह होते ही अधिकारियों ने उसकी जांच शुरू की। इस दौरान सैंपल लेने के बाद विभाग ने बड़ी मात्रा में मिले पनीर को सेहत के लिए हानिकारक करार दिया।
पनीर के सैंपल और उनकी जांच
पनीर की असामान्य स्थिति को देखते हुए विभाग ने तेज़ी से कार्रवाई की। अधिकारी ने पनीर के दो सैंपल लिए और उन पर जांच जारी है। इसके बाद संदिग्ध पनीर को नष्ट किया गया। कहा जा रहा है कि मथुरा में खाने की गुणवत्ता को बनाए रखे जाने के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्रवाई से खाने के पदार्थों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
कमाऊ मेला और त्यौहारों के बीच जरूरी अनुष्ठान
त्योहारों के मौसम के चलते फूड डिपार्टमेंट खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर कड़ी नजर रख रहा है। मथुरा में यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है जो एक महीने के भीतर हुई है। इससे पहले भी विभाग ने कई मामलों में संदिग्ध पनीर के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। अधिकारी लगातार मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं ताकि ग्राहकों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।
सुरक्षा के लिए सख्ती आवश्यक
एक तरफ त्योहारों की बढ़ती मांग है, वहीं दूसरी तरफ मिलावटी खाद्य पदार्थों की समस्या भी बड़ी है। ऐसे में खाद्य विभाग की यह कार्रवाई आवश्यक है। यह आवश्यक है कि उपभोक्ता सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों का सेवन करें। अच्छी गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की पहचान और उनकी सुरक्षा उपभोक्ताओं के लिए सर्वोपरि है।