पुलिस को रौब दिखाने और जांच से बचने के लिए करता था फ़र्ज़ी आईकार्ड का इस्तेमाल
नई दिल्ली | आकांशा तत्रिपाठी | दिल्ली के किशनगढ़ इलाके में 15 अगस्त को एक फर्जी सीबीआई इंस्पेक्टर पकड़ा गया, जो सीबीआई के फ़र्ज़ी आईकार्ड का इस्तेमाल पुलिस को रौब दिखाने और जांच से बचने के लिए करता था | केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया गया है | पुलिस ने उसे कल आसफ अली रोड पर रोका था तो उसने खुद को सीबीआई का इंस्पेक्टर बताते हुए रौब झाड़ने की कोशिश की थी |
दक्षिणी पश्चिमी दिल्ली के डीसीपी इंगित प्रताप सिंह के मुताबिक, आसफ अली रोड पर बुलेट मोटर साइकिल पर आ रहे एक शख्स को रोकने का इशारा किया गया | पूछताछ के दौरान वह शख्स खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर बता रहा था | इसी बीच उसने भागने की कोशिश की, पुलिस ने मोटरसाइकिल के आगे बैरिकेड्स लगाकर उसे रोका , वह शराब के नशे में था | उसने अपने गले में लटका सीबीआई इंस्पेक्टर का कार्ड दिखाया | बारीकी से देखने और प्रोफाइलिंग करने पर आईडी फर्जी लग रही थी |
लगातार पूछताछ करने पर उसने स्वीकार किया कि उसने इसे गूगल की मदद से कंप्यूटर के जरिए खुद बनाया | उसने बताया कि सीबीआई के फर्जी पहचान पत्र का इस्तेमाल वह दिल्ली या दिल्ली से बाहर पुलिस और चेकिंग स्टाफ से बचाने के लिए और रौब दिखाने के लिए करता था |
पुलिस ने केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है | आरोपी राकेश कुमार यादव झज्जर का रहने वाला है और वर्तमान में किशनगढ़ में रहता है | वह टैक्सी ट्रिप और प्रॉपर्टी रेंटल के लिए कमीशन एजेंट के रूप में काम करता है |