July 31, 2021

Join With Us


धन प्राप्ति के लिए दस नमस्कार मंत्र : किसी भी एक मंत्र का सुबह, दोपहर और रात्रि को सोते समय नियम से करें स्तवन




मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | इनमें से किसी भी एक मंत्र का चयन करके सुबह, दोपहर और रात्रि को सोते समय पांच-पांच बार नियम से उसका स्तवन करें। मातेश्वरी लक्ष्मीजी आप पर परम कृपालु बनी रहेंगी।

ऊँ धनाय नमः, ऊँ धनाय नमो नमः, ऊँ लक्ष्मी नमः, ऊँ लक्ष्मी नमो नमः, ऊँ लक्ष्मी नारायण नमः, ऊँ नारायण
नमो नमः, ऊँ नारायण नमः, ऊँ प्राप्ताय नमः, ऊँ प्राप्ताय नमो नमः, ऊँ लक्ष्मी नारायण नमो नमः


धन प्राप्ति हेतु ताबीज :

नीचे चार आसान यंत्र दिये जा रहे हैं। इनमें से किसी भी एक को कागज पर स्याही से अथवा भोज पत्र पर अष्टगंध से
अंकित करके धूप-दीप से पूजा करें।

चांदी के ताबीज में यंत्र रखकर मातेश्वरी का ध्यान करते हुए इसे गले में धारण करें और ऊपर दिये गये किसी मंत्र का नियम से स्तवन भी करते रहें। इन सामान्य यंत्रों और यंत्रों के पश्चात् आगे परम शक्तिशाली मंत्र, यंत्र और तांत्रिक प्रयोग इस प्रकार से हैं-

ऊँ लक्ष्मी वं, श्री कमला धरं स्वाहा

इस मंत्र की सिद्धि 1 लाख बीस हजार मंत्र जप से होती है। इसका शुभारंभ बैशाख मास में स्वाति नक्षत्र में करें, तो उत्तम रहेगा। जप के बाद हवन भी करें।

ऊँ सच्चिदा एकी ब्रह्म ह्रीं सच्चिदी क्रीं ब्रह्म

इस मंत्र के 1 लाख बीस हजार जप से लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। इसकी सिद्धि 110 मंत्र नित्य जपने से 41 दिनों में संपन्न होती है। माला मोती की और आसन काली मृगछाला का होना चाहिए। इसकी साधना कांचनी वृक्ष के नीचे करनी चाहिए।

ऊँ ह्रीं ह्रीं ह्रीं श्रीं श्रीं क्रीं क्रीं क्रीं स्थिराओं

प्रातः स्नानादि से निवृत्त होकर 1 माला (108 मंत्र) का नित्य जप करें तो लक्ष्मी की सिद्धि होती है।

ऊँ नमो ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं क्लीं श्रीं लक्ष्मी ममगृहे धनं चिंता दूरं करोति स्वाहा

इस यंत्र को सिद्ध करने के लिए साधना के समय लाल वस्त्रों का प्रयोग करना चाहिए और पूजा में प्रयुक्त होने वाली सभी पूजन-सामग्री को रक्त वर्ण का बनाना होता है। इसकी साधना अर्द्धरात्रि के समय करनी पड़ती है। इसका शुभारंभ शनिवार या रविवार से उपयुक्त रहता है। 108 बार नित्य प्रति जप करें। छारछबीला, गोरोचन, कपूर, गुग्गुल और कचरी को मिलाकर मटर के बराबर छोटी-छोटी गोलियां बना लें। जप के बाद नित्य प्रति इन गोलियों से 108 आहुतियां देकर हवन करना चाहिए। इस साधना को 22 दिन तक निरंतर करना चाहिए। तभी लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त होती है।

ऊँ नमो पद्मावती पधनतने लक्ष्मी दायिनी वाछांभूत-प्रेत विन्ध्यवासिनी सर्व शत्रुसंहारिणी दुर्जन मोहिनी ऋद्धि-सिद्धि कुरु-
कुरु स्वाहा।

ऊँ नमः क्लीं श्रीं पद्मावत्यै नमः

इस मंत्र की सिद्धि के लिए लगातार 21 दिन तक साधना के समय मिट्टी का दीपक बनाकर जलाएं। जप के लिए मिट्टी के मनकों की माला बनायें और नित्य प्रति 1 माला अर्थात 108 मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप किया जाये तो लक्ष्मी देवी प्रसन्न होकर आशीर्वाद देती हैं।

ऊँ नमो पद्मावती पद्मनेत्र वज्र बज्रांकुश प्रत्यक्षं भवति

प्रातःकाल स्नानादि सभी कार्यों से निवृत्त होकर 108 मंत्र का जप करें और अपनी दुकान अथवा कारखाने में चारों कोनों में 10-10 बार मंत्र का उच्चारण करते हुए फूंक मारें। इससे व्यापार की परिस्थ्तियां अनुकूल हो जायेंगी और हानि के
स्थान पर लाभ की दृष्टि होने लगेगी।

ऊँ नमः भगवते पद्मपद्मात्य ऊँ पूर्वाय दक्षिणाय पश्चिमाय उत्तराय अन्नपूर्ण स्थ सर्व जन वश्यं करोति स्वाहा


इस मंत्र को सिद्ध करने के बाद प्रातः काल स्नान, पूजन, अर्चन आदि से निवृत्त होकर पूर्व की ओर मुख करके बैठें और सुविधा अनुसार 7, 14, 21, 28, 35, 42 अथवा 48 मंत्रों का जप करें। इस प्रक्रिया से थोड़े दिनों में नौकरी अथवा व्यापार के शुभारंभ की व्यवस्था हो जायेगी।

ऊँ नमः काली कंकाली महाकाली मुख सुंदर जिये व्याली चार बीर भैरों चौरासी शत तो पूजूं मानये मिठाई अब बोलो काली की दुहाई। इस मंत्र की सिद्धि करने के बाद मंत्र का प्रयोग किया जाये तो नौकरी अथवा व्यापार की व्यवस्था हो जाएगी। उसमें आने वाले विघ्न दूर हो जायेंगे। धूप-दीप आदि से पूजन करके प्रातः, दोपहर और सांयकाल तीनों संध्याओं में एक-एक माला मंत्र जप करें।

ऊँ नमः भगवती पद्मावती सर्वजन मोहिनी सर्वकार्य वरदायिनी मम विकट संकटहारिणी मम मनोरथ पूरणी मम शोक
विनाशिनी नमः पद्मावत्यै नमः।




+36
°
C
+39°
+29°
New Delhi
Wednesday, 10
See 7-Day Forecast

Advertisement









Tranding News

Get In Touch
Avatar

सोनम कौर भाटिया

प्रधान संपादक

+91 73540 77535

contact@vcannews.com

© Vcannews. All Rights Reserved. Developed by NEETWEE