July 22, 2021

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शिव शम्भू का प्रिय पावन श्रावण मास : जानें सोमवार और गौरी उपवास करने से क्यों होते हैं शिव प्रसन्न




मुंबई | हस्तरेखा तज्ञ विनोद जी | भगवान शिव शंभू के प्रिय मास श्रावण या सावन का प्रारंभ होने वाला है। पावन श्रावण मास में भगवान शिव और उनके परिवार की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन माह में भगवान शिव का अभिषेक करना बहुत ही फलदायी होता है, इसलिए सावन में लोग रुद्राभिषेक कराते हैं। सावन मास भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे उत्तम माह माना जाता है। जागरण अध्यात्म में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस वर्ष श्रावण मास का प्रारंभ कब से हो रहा है? सावन सोमवार व्रत और मंगला गौरी व्रत कब कब हैं?

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, श्रावण मास का प्रारंभ आषाढ़ पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा के समापन के साथ होता है। सावन माह हिन्दू कैलेंडर का 5वां माह होता है। इस वर्ष सावन माह 25 जुलाई दिन रविवार को प्रारंभ हो रहा है। इसका समापन 22 अगस्त दिन रविवार को होगा।

सावन माह में हर दिन पावन माना जाता है लेकिन सोमवार का दिन विशेष होता है। सावन सोमवार का व्रत करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। इस वार सावन में 04 सोमवार व्रत पड़ रहे हैं। पहला सावन सोमवार व्रत 26 जुलाई को, दूसरा सावन सोमवार व्रत 02 अगस्त को, तीसरा सावन सोमवार व्रत 09 अगस्त को और चौथा सावन सोमवार व्रत 16 अगस्त को है।

पहला मंगला गौरी व्रत: 27 जुलाई

दूसरा मंगला गौरी व्रत: 03 अगस्त

तीसरा मंगला गौरी व्रत: 10 अगस्त

चौथा मंगला गौरी व्रत: 17 अगस्त

सावन मास की अमावस्या या श्रावण अमावस्या 2021: 08 अगस्त, दिन रविवार

सावन मास की पूर्णिमा या श्रावण पूर्णिमा 2021: 22 अगस्त, रविवार




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